फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सत्ता और मंत्री पद का दुरुपयोग करके ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर फरेंदा में कट उतरवाने वाले केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर विधानसभा चुनाव आते ही एक बार फिर मोहना वासियों को लुभाने की कवायद में जुट गए हैं। सोमवार को उन्होंने पांच गांव की सरदारी को आश्वासन दिया कि दस सितंबर से पहले वो खुद मोहना में कट उतरने का सुबूत देंगे। सरदारी ने उनका आश्वासन तो सुन लिया लेकिन घोषणा की कि जब तक कट नहीं बनेगा धरना समाप्त नहीं होगा। गांव वालों का मानना है कि जिस तरह हर चुनाव से पहले भाजपाई मोहना में कट देने का झूठ परोसकर वोट हासिल करते रहे हैं, विधानसभा चुनाव से पहले फिर वही झूठ तो नहीं दोहराया जा रहा है।
बताते चलें कि पूर्व सीएम खट्टर ने मई 2022 में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर मोहना में कट बनाए जाने की घोषणा की थी, उस समय केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर ने भी मोहना में कट बनने का दावा किया था। कहीं भी एक्सप्रेस वे बनने पर उसके आसपास की जमीन की कीमत नैसर्गिक रूप से बढ़ती है। प्रॉपर्टी डीलिंग का बहुत मोटा काम करने वाले मंत्री गूजर ने इसी का फायदा उठाते हुए यूपी बॉर्डर के करीब फरेंदा में गुर्गे सतबीर कसाना महमदपुर के साथ मिल कर अपने रिश्तेदारों के नाम पर सात सौ एकड़ ज़मीन कौडिय़ों के दाम पर खरीद ली। कौडिय़ों की जमीन को सोने के भाव बेचने के लिए मंत्री पद का दुरुपयोग कर मोहना वासियों के हक पर डाका डालते हुए एनएचएआई अधिकारियों पर दबाव डाल कर फरेंदा में कट उतरवा दिया। मंत्री की नीयत साफ नहीं थी तो वह मोहना वासियों से झूठ बोलते रहे कि कट मोहना में ही उतरेगा। सितंबर 2023 में ग्रामीणों के हाथ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की डीपीआर और ड्रांइंग आई तब जाकर उन्हें मंत्री द्वारा दिए गए धोखे की जानकारी हुई। दूसरे दिन ही पांच गांवों की सरदारी मंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंच गई थी। मंत्री ने अभद्रता कर यह कहते हुए सबको भगा दिया था कि मुझसे वकीलों की तरह बात न करो, जाओ कुछ नहीं होगा।
मंत्री के व्यवहार से आहत गांव वालों ने अक्तूबर 2023 में मोहना में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जो आज भी जारी है। इस दौरान मंत्री और खट्टर सरकार के इशारे पर धरनारत लोगों को प्रशासन ने कई बार परेशान किया लेकिन उनको डिगाया नहीं जा सका। धरने के नेतृत्वकर्ताओं में शामिल ईश्वर नंबरदार के अनुसार लोकसभा चुनाव की घोषणा के मद्देनजर गूजर ने एक बार फिर झूठा आश्वासन दिया था कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले मोहना पर कट की घोषणा की जाएगी। आचार संहिता क्या लोकसभा चुनाव भी संपन्न हो गए लेकिन गूजर ने कोई घोषणा नहीं की।
अब विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। मोहना पर कट उतरवाने की मांग पर धरना दे रहे मोहना, हीरापुर, अटेरणा, जलहाका आदि पांच गांवों की सरदारी सोमवार को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर से मिलने पहुंची। मुकेश कुमार के अनुसार गूजर ने एनएचएआई के अधिकारी सैफी से फोन पर बात की और फिर बताया कि मोहना पर कट बनाया जाएगा। आश्वासन दिया कि दस सितंबर से पहले वह स्वयं धरनास्थल पर पहुंच कर कट बनाए जाने की खुशखबरी सुनाएंगे।
गूजर के दावे में कितनी सच्चाई है दस सितंबर तक सामने आ जाएगी। जिस गूजर ने फरेंदा में कट उतरवाने के लिए अपनी लोकसभा सीट भी दांव पर लगा दी थी। जिसका असर उनके ढाई लाख वोट घटने में नजर भी आया, वो गूजर इतनी आसानी से कट बनवाने की बात पर राजी हो जाए, यह आश्चर्य जनक ही लग रहा है। गूजर मोहना कट के लिए इतनी बार झूठ बोल चुके हैं कि लगता है, जैसे घोषणा के बावजूद कट मोहना से हट कर फरेंदा पहुंच गया था उसी तरह कहीं ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन भी हो जाए और मोहना वासी धरना ही देते रहें।