फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) 14 वर्ष आयु तक के हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा दिए जाने के लिए बनाया गया शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) शहर के निजी स्कूल संचालकों के
फार्म 6 की खुली अवहेलना फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही शहर के निजी स्कूलों ने बच्चों का दाखिला, किताब, यूनिफार्म के नाम पर जमकर लूट मचाई। मनमानी
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो जि़ला महेन्द्रगढ़ के कनीना में हुई एक स्कूली बस दुर्घटना में छह बच्चों की मौत हो गई। उस दिन ईद का त्योहार भी था। बताया जाता है
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) किसी भी देश के निर्माण एवं प्रगति के लिये नागरिकों का शिक्षित होना अनिवार्य है। इसी तथ्य को मद्दे नज़र रखते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान तत्कालीन
करनाल- (के सी आर्य)प्राइवेट स्कूलों-सी शिक्षा देने का दावा करने वाली हरियाणा सरकार स्कूली छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने तक में असमर्थ है। शिक्षकों की कमी और स्कूल के जर्जर