नई दिल्ली (मज़दुर मोर्चा) ईएसआई कॉर्पोरेशन मुख्यालय में तैनात नालायक एवं निकृष्ट अधिकारियों को लेकर ‘मज़दूर मोर्चा’ काफी समय से आवाज़ बुलंद करता आ रहा है। लगता है कि मौजूदा
नई दिल्ली (मज़दूर मोर्चा) देश भर के करीब चार करोड़ मज़दूरों के वेतन से चार प्रतिशत वसूल कर अपने खजाने में 1 लाख 79 हजार करोड़ रुपये पर कुण्डली मारे
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का जुमला फेंक कर सत्ता में आये नरेन्द्र मोदी ने नौकरियां पैदा करने की बजाय पकौड़े तलने की सलाह दे डाली।
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मज़दूरों के वेतन से वसूले गये अंशदान से चिकित्सा सेवाएं चलाने का जो जिम्मा भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के पास है उसी के तहत एनएच तीन
‘मज़दूर मोर्चा’ के सुधी पाठक बखूबी जानते हैं कि मुख्यालय पर काबिज़ जीडीएमओ गिरोह और डीन के बीच पहले दिन से ही छत्तीस का आंकड़ा चला आ रहा है। मज़दूरों
फरीदाबाद (म.मो.) ईएसआई कोर्पोरेशन के दिल्ली स्थित मुख्यालय में तैनात मेडिकल कमिश्नर दीपक शर्मा को यह अधिकार है कि वे कार्पोरेशन के डॉक्टरों को देश के किसी भी ईएसआई अस्पताल
केन्द्रीय श्रम मंत्री होने के नाते ईएसआई कार्पोरेशन का नेतृत्व एवं नियंत्रण पूर्णतया भूपेन्द्र सिंह यादव उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिये चिकित्सा की दृष्टि से मज़दूरों के लिये
फेकल्टी यानी छात्रों को पढ़ाने वाले व मरीज़ों का इलाज करने वाले वरिष्ठ डॉक्टरों की नियुक्ति जिस संस्थान में होती है, वह उस संस्थान के साथ जुडक़र न केवल पढ़ाने
दीपक शर्मा को नहीं सुहातीं उन्नत मेडिकल सेवायें फरीदाबाद (म.मो.) सरकारी सिस्टम ने कई बार नालायक व हरामखोर लोग तिकड़मबाजी के बल पर इतने उच्च पदों पर पहुंच जाते हैं
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो देश भर के 3 करोड़ 39 लाख मज़दूरों से उनके वेतन का नियमित चार प्रतिशत वसूलने के बावजूद उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधायें देने से ईएसआई कार्पोरेशन किनारा