शैलेंद्र चौहान नेतन्याहू से ओर्बन तक, वैश्विक दक्षिणपंथी नेताओं ने ट्रम्प की जीत का जश्न मनाया। फासीवादी चेहरे वाले ये नेता उस व्यक्ति को बधाई देने के लिए कतार में
गतांक से आगे क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा मार्च 2000 में, सम्बन्ध सामान्य करने, क्लिंटन को ही इंडिया आना पड़ा. 1989 में सोवियत संघ औपचारिक रूप से टूट कर बिखर गया और
क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा भारत-अमेरिका संबंधों का इतिहास नेहरू की पहली अमेरिका यात्रा अक्टूबर 1949 में हुई. हेरी ट्रूमेन, नेहरू को अपने साथ बग्गी में बिठाकर एअरपोर्ट से वाइट हाउस तक