पाखंड में माहिर सैनी सरकार ने जनता की सुविधा का दिखावा करने के लिए समाधान शिविर की घोषणा की है लेकिन मंत्री-विधायक की इच्छा के आगे बिछ जाने वाले अफसर उनके इशारे पर जनता की मुश्किलें बढ़ाने के लिए ही इसमें बैठते हैं।
नागर पिता-पुत्र द्वारा प्रताडि़त किए जा रहे संजय चंदीला की पत्नी लता आंगनबाड़ी वर्कर हैं। उन्होंने बीती तीन जनवरी को भतौला में 3 कनाल 14 मरला जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री के आधार पर इसका इंतकाल भी 4441 नंबर पर दर्ज हो गया था। इस जमीन के एक हिस्से का मालिक देवेंद्र भी है। नागर पिता-पुत्र के इशारे पर नायब तहसीलदार ने उनकी इस प्रॉपर्टी को विवादित करार देकर एसडीएम फरीदाबाद की कोर्ट में जबरन भेज दिया। रजिस्ट्री होने के बाद खरीदार के हक में इंतकाल दर्ज करना सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी है। सारे कागजात पूरे होने के बावजूद उनके इंतकाल को विवादित बना कर रोक दिया गया।
लता इंसाफ पाने के लिए सेक्टर 12 लघु सचिवालय में बीते सोमवार को लगे समाधान शिविर में गईं। वहां उनका शिकायती पत्र पढऩे के बाद डीसी फरीदाबाद कुछ आदेश देते कि उन्हें बता दिया गया कि इस मामले में मंत्री राजेश नागर और उनके भूमाफिया पिता ने टांग अड़ा रखी है, इसके बाद उन्होंने भी लता को टरका दिया। नागर पिता पुत्र ने लता की जमीन का इंतकाल रुकवाने में ही सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया, उनके इशारे पर महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी (पीओ) मीनाक्षी चौधरी ने लता का ट्रांसफर फतेहपुर चंदीला से एनआईटी तीन स्थित राहुल कॉलोनी कर दिया। लता फतेहपुर में बीते करीब 14 साल से काम कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने पांच साल तक के बच्चों को पोषाहार बांटने से लेकर टीकाकरण और किशोरियों के स्वास्थ्य पर खूब काम किया। क्षेत्र के नौनिहालों, बालक-बालिकाओं से लेकर किशोरियों और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं का पूरा डेटा उनके पास था, उनके हटाए जाने से इन लाभार्थियों को समस्या का होना स्वाभाविक है परंतु पीओ मीनाक्षी को इससे क्या लेना देना उसको तो केवल अपने आकाओं का हुक्म बजाना है।