डॉ. रामवीर फॉर्वर्ड फॉर्वर्ड खेल रहे हैं व्हाट्सैप पर सारे मित्र स्नोबालिंग करते बच्चों का उभर रहा है मन में चित्र।
बच्चे तो बच्चे होते हैं बूढ़े बच्चों से भी आगे इक बूढ़े ने फॉर्वर्ड के उस दिन चालिस गोले दागे।
मैं भी कहां रुकने वाला था मैंने पैंतालिस लौटाए शायद परेशान हो कर वह खेल को कर गया बाए बाए।
अब तो बहुत दिनों से उसका कोई भी मैसेज नहीं आया हो सकता है मुझे छेड़ कर वह मन ही मन हो पछताया।
मैं परवाह नहीं करता हूं फेंको फेंको फॉर्वर्ड भैय्या यह भी एक नवीन नृत्य है सारे नाचो ता था थैय्या ।
गुड मॉर्निंग से गुड नाइट तक इतने मैसेज पड़ते झेलने और काम क्या नहीं है कोई लगे रहो बस यूं ही खेलने।
सगुण और निर्गुण भक्ति की निर्गुण धारा सूख रही है मोबाइल पर वीडियो द्वारा सगुण भक्ति ही फूल रही है।