फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सेक्टर-12 टाउन पार्क में चल रहे पुस्तक मेले में मज़दूर मोर्चा के संपादक सतीश कुमार की पुस्तक ‘फरीदाबाद में ओस्त्रोव्स्की श्रमजीवी की पत्रकारिता’ का सेवानिवृत्त आईपीएस एवं साहित्यकार विभूति नारायण राय ने शुक्रवार को विमोचन किया। वह फरीदाबाद लिट्ररेरी एंड कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित जश्न ए फरीदाबाद के साहित्यिक मंच चौपाल-1 के वक्ता के रूप में आए थे। इससे पहले उन्होंने साहित्य और संस्कृति- अश्लीलता और हिंसा से सुरक्षा विषय पर अपने विचार रखे। बताया कि अश्लीलता और हिंसा की बहस उतनी पुरानी है जितनी भाषा। भाषा के लिपिबद्ध होने से पहले वाचक परंपरा रही है। विश्व की सबसे पहली 6400 साल पहले लिपिबद्ध हम्मूराबी संहिता में अश्लीलता और हिंसा की बात होने का हवाला देते हुए उन्होंने वर्तमान स्थिति से जोड़ा। पितृसत्तात्मक समाज और नारी शरीर पर विस्तार से चर्चा की। खजुराहो, अजंता और कामसूत्र वाली परंपरा ओर लैंगिक उपासना पर आधारित हिंदू समाज में अश्लीलता को उन्होंने गंभीर उदाहरणों से रेखांकित किया। हिंसा के प्रति मानवीय मूल्यों के परिवर्तन की भी ऐतिहासिक संदर्भ में व्याख्या की। चर्चा के फरीदाबाद का ओस्त्रोव्स्की पुस्तक का विभूति नारायण राय के साथ रेनू भाटिया, बलराज भाटिया, ऋषिपाल चौहान सहित गणमान्य व्यक्तियों ने विमोचन किया। सबने सतीश कुमार को पुस्तक प्रकाशन पर बधाई दी।
आयोजकों ने बताया कि रविवार दोपहर बाद ढाई बजे से शाम चार बजे तक वक्ता पुस्तक पर चर्चा करेंगे। प्रोफेसर सलिल मिश्रा, अधिवक्ता ओपी शर्मा, और श्रमिक नेता आरडी यादव मुख्य रूप से पुस्तक की समीक्षात्मक चर्चा करेेंगे।