फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनआईटी तीन स्थित ईएसआई कॉर्पोरेशन मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रस्तावित पांच सौ बेड के अस्पताल की इमारत का निर्माण घोषणा के तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है क्योंकि उद्घाटनवीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिलान्यास करने का समय नहीं मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज में तेजी से बढ़ती ओपीडी-आईपीडी के मद्देनजऱ यहां पांच सौ बेड के अस्पताल के अलावा मेडिकल छात्रों के हॉस्टल की इमारत की जरूरत बहुत पहले से महसूस की जा रही थी।
मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित पुरानी इमारत को तोड़ कर दस मंजिला अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव डेढ़ साल से स्वीकृत हुआ पड़ा है। यह स्वीकृति भी आसानी से नहीं मिली है, मूर्खालय में बैठे अधिकारी पहले तो प्रोजेक्टा क काम करके राज़ी नहीं थे। कभी पांच सौ बेड़ तो कभी छह सौ बेड का अड़ंगा लगाकर बिल्डिंग को स्वीकृति देने में बरसों लगा दिए। प्रोजेक्ट फाइनल हुआ तो ठेका किसको दिया जाए इसको लेकर रोड़े लगाए गए। डेढ़ साल पहले सब कुछ तय हो गया।
निर्माण कार्य भी शुरू हो जाता लेकिन चुनावी रैलियों, पुल, हवाई अड्डों, विदेश यात्राओं में व्यस्त प्रधानमंत्री मोदी को गऱीब मज़दूूरों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले अस्पताल भवन का शिलान्यास करने की भी फुरसत नहीं है। जानने योग्य तथ्य यह है कि इस निर्माण पर होनेवाले खर्च का एक धेला भी केंद्र अथवा राज्य सरकार की ओर से आने वाला नहीं है। इस कॉपोरेशन द्वारा जो खर्च किया जाने वाला धन होगा वह मज़दूरों से वसूल किया जा चुका है। सर्वविदित है कि ईएसआई कॉरपोरेशन को कोई भी सरकार किसी भी प्रकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं देती। कॉरपोरेशन का धन भंडार भरने के लिए मज़दूरों से उनके वेतन का चार प्रतिशत वसूला जाता है। शिलान्यास करके मोदी यह संदेश देना चाहेंगे कि उन्होंने अपने मामा के घर से लाकर जनता को कितना बड़ा उपहार दे दिया है।