मजदूर मोर्चा ब्यूरो प्रधानमंत्री देश भर में घूम-घूमकर अपनी ‘गारंटी’ की विशेषताएं बता रहे हैं। चूंकि वह पिछले एक दशक से सत्ता में हैं, आइए हम पिछले 10 वर्षों में उनके द्वारा दी गई 10 गारंटियों के अपडेट्स देखते हैं।
1. गारंटी : प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के युवाओं से हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था घोटाला : मोदी के अन्याय-काल में भारत में बेरोजग़ारी 45 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। 2014 के बाद से बेरोजग़ार लोगों की संख्या 1 करोड़ से 4 करोड़ हो गई है। अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए इस सरकार ने घरेलू कामों और पकौड़ा बेचने को “नौकरी” बता दिया, जबकि इनमें नियमित वेतन की कोई गारंटी नहीं होती है।
2. गारंटी : 28 फरवरी, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था घोटाला : किसानों की वास्तविक आय में प्रति वर्ष केवल 2त्न की वृद्धि हुई है। यह 2022 तक दोगुनी होने के लिए आवश्यक 12त्न प्रति वर्ष के आसपास भी नहीं है। आय तो दोगुनी हुई नहीं, उल्टा अपर्याप्त रूस्क्क और बढ़ती इनपुट लागत के कारण भयंकर कृषि संकट उत्पन्न हो गया है। किसानों के बीच ऋण लेने के मामलों में 60त्न की वृद्धि हुई है। इन परिस्थितियों में, 2014 से अब तक लगभग 1 लाख किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं।
3. गारंटी : काला धन वापस लाया जाएगा और हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख जमा होगा घोटाला : इस ‘गारंटी’ को 5 फऱवरी, 2015 को अमित शाह ने एक जुमला माना था। वास्तव में, मोदी सरकार काले धन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल रही है। नोटबंदी की विफलता के बाद प्रचलन में मौजूद नकदी का 99.3त्न आरबीआई के पास वापस आ गया। इस बीच, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे फ्रॉड्स ने हज़ारों करोड़ रुपए का घोटाला किया और अपना काला धन लेकर फरार हो गए।
4. गारंटी : प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी चीन को ‘लाल आंख’ दिखाने वाले थे घोटाला : चीन इस वक्त भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा कर के बैठा है। प्रधानमंत्री ने 19 जून, 2020 को सर्वदलीय बैठक में चीन को क्लीन चिट देते हुए कहा कहा था, “ना कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है”। चीन को सार्वजनिक रूप से क्लीन चिट देकर, पीएम मोदी ने सच को स्वीकार करने और उचित कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। यहां तक ??कि एलएसी पर 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 अब भारत की पहुंच से बाहर है।
5. गारंटी : पीएम मोदी ने दावा किया था कि उनके सत्ता में रहते हुए आरक्षण को “कोई छू भी नहीं सकता” घोटाला : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जनवरी 2024 में एससी, एसटी और ओबीसी के उम्मीदवारों के लिए शिक्षण पदों को अनारक्षित करने के लिए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किया था। भाजपा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का निजीकरण और नौकरियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था लाकर पिछले दरवाजे से आरक्षण को ख़त्म कर रही है। बचे हुए सार्वजनिक उपक्रमों में 2.7 लाख नौकरियों में कटौती करने और 5 लाख आरक्षित सरकारी पद खाली छोड़ दिए जाने से एससी, एसटी और ह्रक्चष्ट वर्ग को भारी नुक़सान हुआ है।
6. गारंटी : मोदी सरकार ने वादा किया था कि ‘मेक इन इंडिया’ 2020 तक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 10 करोड़ नौकरियां प्रदान करेगा, और जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी को 25त्न तक बढ़ा देगा। घोटाला : 2004 के बाद पहली बार, अन्याय-काल में श्रमिक मैन्युफैक्चरिंग की नौकरियों से वापस कृषि क्षेत्र के काम-धंधे की ओर लौट रहे हैं। नोटबंदी, जीएसटी और बिना तैयारी के लगाए गए कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से मैन्युफ़ैक्चरिंग से जुड़ी 2.4 करोड़ नौकरियां ख़त्म हो गई हैं। जीपीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी वास्तव में डॉ. मनमोहन सिंह के शासनकाल में 16.5त्न से घटकर मोदी के शासनकाल में केवल 14.5 प्रतिशत रह गई है।
7. गारंटी : ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ घोटाला : मोदी के शासनकाल में भारत के इतिहास का सबसे खुल्लम-खुल्ला भ्रष्टाचार देखा गया है। पूरी अर्थव्यवस्था कुछ चुने हुए पूंजीपतियों को सौंप दी गई है। छह हवाई अड्डों, बिजली संयंत्रों, गैस पाइपलाइनों, हथियारों के अनुबंध और अब मुंबई में धारावी से लेकर सब कुछ भ्रष्ट अडानी समूह को सौंप दिया गया है। 2014 के बाद से अडानी की कुल संपत्ति 17 गुना बढ़ गई है। इस बीच, भाजपा को भ्रष्टाचार के कानूनी तरीक़े से इलेक्टोरल बांड के रूप में अज्ञात 6,500 करोड़ रुपए मिले – जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी असंवैधानिक घोषित कर दिया है। 8. गारंटी : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ घोटाला: 2016 से 2019 के बीच बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का 78.9त्न बजट सिर्फ विज्ञापनों पर खर्च किया गया। भाजपा और आरएसएस का दृष्टिकोण मूल रूप से महिला विरोधी है – जैसा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान से पता चलता है कि महिलाएं “स्वतंत्र या मुक्त छोडऩे येग्य नहीं हैं।” अन्याय-काल में, 2022 में महिलाओं के खिलाफ़ अपराध बढक़र 4.5 लाख प्रति वर्ष हो गए, जो 2014 के बाद से 34 प्रतिशत अधिक है। कुलदीप सेंगर और बृज भूषण शरण सिंह जैसे भाजपा नेता महिलाओं के ख़िलाफ़ गंभीर अपराधों के दोषी हैं। इतना ही नहीं भाजपा नेताओं ने बल्कि बिलकिस बानो से लेकर कठुआ, उन्नाव और हाथरस जैसे मामलों में बलात्कारियों का बचाव किया है।
9. गारंटी : 2014 के बाद से, पीएम मोदी ने 2019 तक गंगा को साफ करने का बार-बार वादा किया था। 2014 के घोषणापत्र में, भाजपा ने “प्राथमिकता के आधार पर गंगा की स्वच्छता, शुद्धता और निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करने” के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। घोटाला : पवित्र गंगा नदी पहले से भी ज्यादा गंदी हो गई है। प्रतिदिन 6,000 मिलियन लीटर अनुपचारित सीवेज पानी नदी में जा रहा है। उत्तर प्रदेश से 900 अनुपचारित नाले नदी में गिरते हैं। 71 प्रतिशत प्रदूषण निगरानी स्टेशन दूषित पदार्थों के ख़तरनाक स्तर को दिखाते हैं। यहां तक?? कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी कहा है कि ऐसा लगता है कि नमामि गंगे पर खर्च किए गए हजारों करोड़ रुपए का “शायद ही कोई रिज़ल्ट निकला है।”
10. गारंटी : जून 2014 में, पीएम मोदी ने 100 शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित करने का वादा किया था। घोटाला : पिछले कुछ वर्षों में, मोदी सरकार “स्मार्ट सिटी” को सही अर्थों में परिभाषित करने में भी असफल रही है। इस योजना की अस्पष्टता के बावजूद, 100 शहरों में से केवल एक – मदुरै – ने वास्तव में इसके तहत शुरू की गई सभी परियोजनाओं को पूरा किया है। दिसंबर 2023 तक, देश भर में 400 परियोजनाएं अधूरी थीं। यह योजना इतनी बुरी तरह से असफल हुई है कि भाजपा के 2019 के घोषणापत्र में इसका उल्लेख तक नहीं किया गया।
“मोदी की गारंटी” को लेकर प्रधानमंत्री का निरंतर प्रचार इस सच्चाई को नहीं बदल सकता है: वह वास्तव में एक जुमला-जीवी हैं, जो चुनाव जीतने के लिए कुछ भी बोलेंगे। मोदी की गारंटी नहीं, मोदी का वारंटी ख़त्म है!