फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर में अवैध निर्माण केवल नगर निगम के रिश्वतखाऊ अधिकारियों की ही देन नहीं है बल्कि विधायक-नेता भी मोटा रिश्वत लेकर निर्माण करवाते हैं। शायद यही कारण है कि मुजेसर गांव में नगर निगम द्वारा दिखावे की मजबूरी में सील किए गए अवैध निर्माण की सील तोड़कर दोबारा काम शुरू कर दिया गया। स्थानीय पार्षद रवि भगत का कहना है कि अवैध निर्माण का मालिक प्रमोद लाला तो (पूर्व) मंत्रीजी मूलचंद शर्मा को पैसा देने की बात करता रहता है। हालांकि रवि भगत ने प्रमोद के दावों को झूठ बताया लेकिन जिस तरह सील तोड़कर दोबारा काम शुरू किया गया है उससे तो रिश्वत-नजराना देकर अवैध निर्माण करने की पुष्टि ही होती है।
मुजेसर गांव में बिना नक्शा पास कराए ही अवैध रूप से भूतल पर दुकान और प्रथम तल पर मकान बनाए जाने की खबर मज़दूर मोर्चा ने 9-15 मार्च 2025 के अंक में ‘जेई द्वारा चार लाख रिश्वत लेकर अवैध निर्माण करवाने की चर्चा’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। निर्माण के लिए लाला जी और नगर निगम के जेई परवेज आलम के बीच चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। मज़दूर मोर्चा में समाचार प्रकाशित होने पर जेई ने मजबूरन, दिखावे के लिए इमारत सील कर दी थी। 15-21 मार्च 2025 के अंक में नगर निगम में चल रहा रिश्वत दो और अवैध निर्माण करो का गोरखधंधा शीर्षक से प्रकाशित समाचार में आशंका जताई थी कि इमारत सील तो कर दी गई है लेकिन अवैध निर्माण तोड़ा नहीं जाएगा, और मामला ठंडा पड़ते ही दोबारा निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
एक महीना भी नहीं बीता और लाला जी ने सील तोड़ कर अवैध निर्माण पूरी गति से शुरू करवा दिया है। इस संबंध में मज़दूर मोर्चा की बात स्थानीय पार्षद रवि भगत से हुई। उन्होंने जेई परवेज आलम का पक्ष लेते हुए कहा कि चार लाख रिश्वत देने की बात एकदम झूठ है, उन्होंने पूछा कि क्या आपने रिश्वत लेते या देते हुए देखा था। आश्चर्य है, पहली बार पार्षद बने रवि भगत को अवैध कमाई के धंधे का यह खुला हुआ नियम नहीं मालूम है कि ऐसे मामलों में न तो देने वाला कहता है कि उसने दिया और न ही लेने वाला हामी भरता है, लेकिन जब निर्माण सील तोड़कर दोबारा होने लगे तो लेनदेन की सच्चाई सामने आ ही जाती है। रवि भगत ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने (प्रमोद लाला) मंत्री जी यानी मूलचंद को भी बदनाम किया है। मूलचंद पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक हैं यानी सत्ता और प्रशासन की ताकत उनके पास है, ऐसे में कोई नासमझ व्यक्ति ही नजराना देने का झूठा आरोप लगाने की हिम्मत कर सकता है। मूलचंद शर्मा का खास प्रमोद लाला ने अगर यह बात कही है तो बेबुनियाद इसलिए नहीं हो सकती कि निर्माण दोबारा शुरू हो चुका है।
चर्चा तो यह भी है कि प्रमोद ने चार लाख रुपये का हवाला देकर जेई परवेज आलम पर दबाव डाला तो उसने संयुक्त आयुक्त करन सिंह की सख्ती का हवाला देकर उनके लिए भी नजराने का इंतजाम करने को कहा। लाला जी ने नजराने की व्यवस्था की और निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस संबंध में संयुक्त आयुक्त करन सिंह से बात हुई तो उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य सील है, उसमें दोबारा काम शुरू होने से अनभिज्ञता जताते हुए उन्होंने बताया वे छुट्टी पर है, लौटने के बाद इस पर कार्रवाई करेंगे। अब देखना है कि करन सिंह छुट्टी से लौटने के बाद अवैध निर्माण तो तुड़वाएंगे या फिर एक बार फिर से सील-सील का नाटक खेला जाएगा।