मोटी कमाई की आशा में गुडग़ांव से पानी लाने की योजना बना रहे विधायक धनेश अदलखा

मोटी कमाई की आशा में गुडग़ांव से पानी लाने की योजना बना रहे विधायक धनेश अदलखा
January 12 10:20 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा फार्मेसी काउंसिल में पांच करोड़ रुपये का गबन करने से उत्साहित धनेश अदलखा विधायक बनते ही अब मोटी लूट कमाई की संभावना वाली योजनाएं बनाने में जुट गया है। सैनिक कॉलोनी एलिवेटेड रोड के बाद अब बडख़ल और एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के लिए गुडग़ांव से पेयजल लाने की योजना बनाई जा रही है। अदलखा ने दावा किया है कि गुडग़ांव वालों को जिस नहर से पानी आपूर्ति की जाती है उससे 300 एमएलडी पानी लाएंगे।

विधायक या तो जनता को अनपढ़ और मूर्ख समझ रहे हैं या अपने मूर्खतापूर्ण दावे पर खुश हो रहे हैं। जो नहर गुडग़ांव की जरूरत भर का पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहीं वह फरीदाबाद के लिए 300 एमएलडी अतिरिक्त पानी कहां से लाएंगी। गुडग़ांव नगर निगम के आंकड़ोंं के अनुसार शहर के लिए प्रतिदिन 700 मिलियन लीटर (एमएलडी) यानी 70 करोड़ लीटर पानी की मांग है। मांग के विपरीत केवल 570 एमएलडी यानी 57 करोड़ लीटर पानी की ही आपूर्ति की जा रही है। यानी गुडग़ांव को ही 130 एमएलडी पानी की कमी है।

फरीदाबाद नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर की पानी की मांग 450 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) है इसके विपरीत केवल 300 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति की जा पा रही है यानी 150 एमएलडी की कमी है। विधायक धनेश अदलखा दावा कर रहे हैं कि वह गुडग़ांव को पानी देने वाली नहरों से तीन सौ एमएलडी पानी लाएंगे।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता राजेश बंसल के अनुसार गुडग़ांव की जलापूर्ति का करीब 500 एमएलडी पानी सोनीपत के ककरोई गांव से निकलने वाली गुडग़ांव वाटर कैनाल और एनसीआर चैनल से लिया जाता है। इतना पानी लेने के लिए दोनों नहरों में प्रतिदिन 130-130 यानी 260 क्यूसेक पानी का बहाव होना चाहिए। गर्मियों के समय में इन दोनों नहरों में कुल मिलाकर 190-200 क्यूसेक तक ही रह जाता है। यानी 25 से 30 फीसदी तक आपूर्ति घट जाती है। यानी गर्मियों में गुडग़ांव खुद ही पेयजल संकट से गुजर रहा होता है तो फरीदाबाद के लिए कितना पानी बचेगा।

फरीदाबाद से गुडग़ांव की दूरी चालीस किलोमीटर से अधिक है जबकि यमुना नदी शहर से महज दस से पंद्रह किलोमीटर दूर है। नहरों के सीमित पानी के मुकाबले यमुना में कहीं अधिक पानी का बहाव होता है। बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर यमुना में रैनीवेल लगाकर और जल संरक्षण के गंभीर प्रयास कर पेयजल की मांग को आसानी से पूरा किया जा सकता है। इसके विपरीत गुडग़ांव की नहरों से पाइप लाइन के जरिए तीस किलोमीटर दूर पानी लाना बहुत ही खर्चीला और महंगा साबित होगा। बीते दस साल की खट्टर सरकार में शहर में पानी का संकट बढ़ा ही है क्योंकि सरकार को जो काम करने थे वो तो किए नहीं लेकिन जल संरक्षण के नाम पर खूब पैसा बर्बाद किया गया। करोड़ों रुपये खर्च कर पूरे शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए, लेकिन ये पैसों की बर्बादी ही साबित हुए।

भूजल रिचार्ज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तालाब, पोखरे आदि बेच खाए। बरसात का जो पानी बहकर इन तालाबों में जाता था उसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। पहाड़ों में जो झीलें थी उनमें पानी स्टोर किया जा सकता था लेकिन एसा कुछ नहीं किया गया। बडख़ल झील प्राकृतिक पानी का बड़ा जलाशय बन सकती थी जिससे भूजल भी रिचार्ज होता लेकिन ‘अक्लमंद’ सीएम खट्टर और उसके ‘होनहार’ अधिकारियों ने झील को बर्बाद करके रख दिया, वह केवल पर्यटन का केंद्र बन कर रह गई है, पर्यावरण व जल संरक्षण मेंं उसका कोई योगदान नहीं रह जाएगा।

अब विधायक धनेश अदलखा गुडग़ांव से पानी लाने के ऊल जलूल दावे कर रहे हैं। जब सीमा त्रिखा बडख़ल झील को लेकर दस साल तक अपनी राजनीति चमकाती रही तो अदलखा भी पीछे क्यों रहे, वह भी गुडग़ांव से पानी लाने के दावे कर रहा है। अंधभक्त गोदी मीडिया भी बड़ी शान से उसके झूठ को प्रचारित प्रसारित कर जनता को गुमराह कर रही है। होना तो यह चाहिए कि मीडिया पड़ताल करती कि विधायक का दावा कितना व्यवहारिक है और कितना काल्पनिक ! और जनता के सामने सच्चाई बयान करती, लेकिन सच्चाई लिखने पर विधायक की नाराजगी लेकर मोटे विज्ञापनों की बलि नहीं चढ़ाना चाहती। होली दिवाली पर मिलने वाले गिफ्ट की लालच में पत्रकार भी समाचार के नाम पर जनता को हसीन सपने परोस देते हैं।

मोटी कमाई के माहिर पांच करोड़ी विधायक धनेश अदलखा जलापूर्ति के नाम पर सरकार से कई सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट को पास कराने के प्रयास कर रहे हैं क्योंकि जितना बड़ा प्रोजेक्ट उतना मोटा नजराना। बनने के बाद भले ही यह प्रोजेक्ट फेल हो जाए, सरकार और नेताओं की बला से, सबकी कमाई तो हो ही जाएगी, जनता की प्यास तो वैसे भी कभी बुझने वाली नहीं।

 

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles