डॉ. रामवीर मैं व्याकुल हूं प्रश्नाकुल हूं किससे करूंं सवाल पूछो तो उत्तर नहीं मिलता हो जाता है बवाल।
आज देश में देख रहा हूं ऐसे ऐसे दृश्य जिन्हें देख धूमिल लगता है भारत मां का भविष्य।
शिवभक्तों की भीड़ सड़क पर कांवड़ लेकर जाती कैसा भक्तिभाव है जिससे भक्त बनें उत्पाती।
ढाबे पर खाना खाया और कहा इसमें है प्याज ढाबा मालकिन साधना जी का ढाबा दिया उखाड़।
यह तो एक बानगी है ऐसी घटनाएं हज़ार सड़कों पर बिफरे कांवडि़ए तोड़ रहे हैं कार।
इन दृश्यों को देख के क्यों कुछ करती नहीं सरकार या सरकारी दृष्टिकोण से यह है धर्मप्रचार।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री के उत्तरदायित्व का शायद अब नहीं बचा है कोई भी अस्तित्व।
अधिक नहीं कम से कम इन पर फूल तो न बरसाओ सभ्य समाज को ऐसी हरकतों से कृपया न चिढ़ाओ।