डॉ. रामवीर
कोरोना से भी बढ़ कर है अन्धभक्ति की यह बीमारी एक बार लग जाती है तो जीवन भर रहती है जारी।
सोचा बहुत कि अन्धभक्तों की आखिर क्या है वो लाचारी जिसके कारण बेचारों की खत्म नहीं होती है पारी।
लगता है कारण है टीवी जिस पर आंख गड़ाए रहते गोदी मीडिया के असत्य को सत्य समझ खुश होते रहते।
मीडिया में ताकत है सच को झूठ बना देता दो पल में सीधे साधे सरल व्यक्ति को बदल देता है जाहिल खल में।
खल समूह समझने लगता खुद को सर्वोपरि देशभक्त अन्यों के बारे में निरन्तर दुर्भावनाएं करता व्यक्त।
इडियट बॉक्स ने इतने इडियट पैदा कर दिए अपने देश में अन्धभक्त अल्पज्ञ बेचारे घूम रहे भक्तों के वेश में।
पता नहीं यह अन्धभक्ति का दौर रहेगा कब तक जारी कहीं अकेली बैठी रोती