डॉ. रामवीर कोरोना से भी बढ़ कर है अन्धभक्ति की यह बीमारी एक बार लग जाती है तो जीवन भर रहती है जारी। सोचा बहुत कि अन्धभक्तों की आखिर क्या
क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा “चूंकि मज़दूरों की मौत का कोई आंकड़ा सरकार के पास मौजूद नहीं है, इसलिए उन्हें मुआवजा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता” 14 सितम्बर, 2020 को
जेपी सिंह फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा इस बात को स्वीकार करने की रिपोर्ट के बाद कि उसका कोविशील्ड वैक्सीन दुर्लभ दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है, एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट
फरीदाबाद (म.मो.) कोरोना की एक बड़ी लहर आने की आशंका के प्रति सरकारी संवेदनशीलता का प्रदर्शन करने के लिये देश भर के अस्पतालों की जांच-पड़ताल की जा रही है। इस
कोरोना टेस्टिंग के नाम पर भाजपाई नौटंकी एवं जनता से धोखा फरीदाबाद (म.मो.) सत्तारूढ़ दल जब अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन नहीं कर सकता तो वह तरह-तरह की नौटंकियां करके अपनी