किराया जमा न करवाने पर 7 दुकानदारों पर कार्रवाई

किराया जमा न करवाने पर 7 दुकानदारों पर कार्रवाई
September 15 18:46 2025

करनाल। नगर निगम की दुकानों का किराया न चुकाने की सूरत में निगम के प्रवर्तन दल ने हरदेव सिंह मार्केट, बांसो गेट व ज्ञान भूषण मार्केट क्षेत्र के 7 दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। हरदेव सिंह मार्केट की दुकान नम्बर 19 को बकाया न चुकाने की सूरत में सील कर टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके किराएदार पर 1 लाख 82 हजार 346 रुपये बकाया था। इस बारे में जानकारी देते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ.वैशाली शर्मा ने बताया कि कार्रवाई में 7 दुकानों में 4 हरदेव सिंह मार्केट, 2 बांसो गेट तथा 1 दुकान ज्ञान भूषण मार्केट की थी, जिन पर 31 लाख 58 हजार 291 रुपये बकाया चला आ रहा था। बकाया जमा करवाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए और किराया शाखा के अधिकारी-कर्मचारी ने व्यक्तिगत तौर पर भी जाकर बकाया किराया जमा करवाने को कहा, परंतु किराएदारों ने उसे गम्भीरता से नहीं लिया।

उन्होंने बताया कि जैसे ही टीम उपरोक्त मार्केट में कार्रवाई के लिए पहुंची, किराएदारों में दुकान सील होने का भय बन गया। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने जैसे ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू की, तो हरदेव सिंह मार्केट की दुकान नम्बर 14, 20 व 21, बांसो गेट क्षेत्र की दुकान नम्बर 6 व 8 तथा ज्ञान भूषण मार्केट की दुकान नम्बर 1 की ओर से 22 लाख 95 हजार 891 रुपये बकाया राशि मौके पर ही टीम को चुका दी और दुकान को सील होने से बचा लिया। इस दौरान हरदेव सिंह मार्केट की दुकान नम्बर 19 के किराएदार की ओर से बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, जिसके चलते दुकान को सील कर निगम टीम ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।

उन्होंने बताया कि खास बात यह रही कि सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए बांसो गेट क्षेत्र की ही दुकान नम्बर 6 व 24 के किराएदारों की ओर से भी 5 लाख 31 हजार 223 रुपये बकाया राशि नगर निगम के खजाने में जमा करवा दी गई। इस प्रकार सीलिंग की कार्रवाई से बचने के लिए 28 लाख 27 हजार 114 रुपये की किराएदारों से रिकवरी की गई। उन्होंने बताया कि सीलिंग कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करवाने के लिए निगम के कार्यकारी अभियंता ओ.पी. करदम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था। कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए स्थानीय पुलिस बल की मदद ली गई। उन्होंने निगम के सभी किराएदार दुकानदारों को चेताते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द दुकान का किराया नगर निगम के कोष में जमा करवा दें, अन्यथा सम्बंधित दुकान को सील कर नगर निगम में अपने कब्जे में ले लेगा। उन्होंने बताया कि डिफाल्टर किराएदारों की दुकानों को सील कर कब्जे में लेने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

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Mazdoor Morcha
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