फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) करीब 11 साल से चला आ रहा मंझावली पुल का ड्रामा अभी पूरा नहीं हुआ कि एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) का ड्रामा जोर-शोर से खेला जा रहा है। यों तो इस ड्रामे का ढोल बीते कई वर्षों से पीटा जा रहा है परन्तु हर दूसरे-तीसरे महीने इसकी तान में तेज़ी आती जा रही है। कभी इसका खर्चा बताया जाता है तो साथ में इसके लाभ गिनाना सरकारी भोंपू भूलते नहीं है।
इन भोंपूओं के भौंके बगैर भी हर साधारण से साधारण आदमी भी समझता है कि एफएनजी के निर्माण से नोएडा व गाजियाबाद जाना बहुत सरल तथा समय व पैसा बचाने वाला हो जाएगा। लेकिन ये घोषणावीर मंत्री-संत्री यह नहीं बताते कि इस काम में और कितने वर्ष लगेंगे? अभी बताया जा रहा है कि इस रूट के लिए तीन एलाइनमेंट पर विचार हो रहा है। यानी कि मामला धरातल पर न होकर विचारों में ही घूम रहा है। इस पर खर्च होने वाली अनुमानित लागत 1150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लेकिन इतने साल ढोल पीटने के बावजूद अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि उक्त राशि आएगी कहां से? कभी कहा जाता है कि लोन लिया जाएगा तो कभी कहते हैं कि एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा इसका निर्माण कराया जाएगा।
उधर एनएचएआई इस परियोजना से पहले ही पल्ला झाड़ चुका है। विदित है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश व हरियाणा के बीच आवागमन को सुगम करने वाली है। लेकिन डबल इंजनों की दोनों सरकारें लफ्फाजी से आगे बढऩे को तैयार नहीं दिखतीं। संदर्भवश सुधी पाठक समझ लें कि लूट कमाई के लिए सत्ता कब्जाए बैठे नेताओं को जनता की सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है। परियोजनाओं के सुनहरे गुब्बारे तो ये लोग खूब उड़ाते हैं लेकिन धरातल पर शहर भर की टूटी सड़कों की मरम्मत तक ये लोग करा नहीं सकते। शहर भर की सड़कों की बात तो छोडिय़े बाटा रेलवे ओवरब्रिज पर बने गड्ढों से बाधित हो रहा यातायात इन्हें नज़र नहीं आता।
मजे की बात तो यह है कि मात्र दो साल पहले इन्हीं गढ्ढों की मरम्मत के नाम पर 17 लाख रुपये एमसीए$फ के चोरों ने हड़प लिए थे। किसी तरह हार्डवेयर चौक के मरम्मत पर अगस्त 2023 मेंं 32 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद आज फिर इस चौक की वही दशा बनी हुई है। मज़दूर मोर्चा ने अप्रैल 2023 के अंंक में निर्माण मेंं भ्रष्टाचार देख कर 32 महीने भी नहीं चंल पाएगी 32 लाख से बनी हार्डवेयर चौक की सड़क शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन और जनता को चेताया था।