जनता भी क्या करे बिचारी…

जनता भी क्या करे बिचारी…
February 12 12:14 2026

डॉ. रामवीर 
जनता भी क्या करे बिचारी
किस पर करे यकीन
जिसको भी गद्दी पे बिठाया
वो ही निकला कमीन।

जो कहते थे हमें जिताओ
हम हैं सबसे जहीन
वे भी अक्ल से पैदल पाए
जब हुए गद्दी नशीन।

जो पार्टी कृषकों को दिखाती
सपने बहुत हसीन
जीत गई तो कब्जाती है
कृषकों की ही जमीन।

भ्रष्टाचार करने करवाने
में जो होता प्रवीण
वो ही दलों के उच्च पदों पर
होता है आसीन।

अरुणाचल सीमा में घुसता
दिखता नहीं है चीन
बस गाते रहते हैं कैसा
था भारत प्राचीन।

दकियानूसी बातें करते
लगते आदियुगीन
दावा करते हैं भारत को
बना रहे हैं नवीन।

अपराधों के लगे हैं जिन पर
इल्जामात संगीन
बाबा बन कर बिता रहे हैं
वे जीवन रंगीन।

हर चुनाव में जेल से बाहर
आता राम रहीम
देशभक्त सरकार है उस पर
कुछ ज्यादा ही करीम।

जहीन = बुद्धिमान, गद्दीनशीन = पदारूढ , करीम = दयालु

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