फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) गंभीर वायु प्रदूषण और खराब पर्यावरण से जूझ रहे शहर को एफएमडीए के निकम्मे अधिकारी और बर्बाद करने पर तुले हैं। सेक्टर 21 सी में अच्छी भली ग्रीन बेल्ट को उजाड़ कर वहां इंटरलॉकिंग ईंटें बिछाई जा रही हैं। खास बात यह है कि यह इंटरलॉकिंग केवल पचास साठ मीटर की दूरी में ही बिछाई जा रही हैं, माना जा रहा है कि एफएमडीए यह सारा काम सत्तापक्ष के इशारे पर कर रहा है। बडख़ल पुल से उतरते ही मार्बल मार्केट की ओर जाने वाली सड़क पर करीब पंद्रह मीटर चौड़ाई में ग्रीन बेल्ट है। इसमें पार्क के साथ ही छायादार पेड़ भी लगे हैं। बीते दिनों इस ग्रीन बेल्ट को जेसीबी लगाकर खोदा गया तो स्थानीय लोगों ने कारण पूछा। मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि किसी नेता या बड़े आदमी के इशारे पर ग्रीन बेल्ट उजाड़ कर यहां इंटरलॉकिंग लगाई जाएगी। इंटरलॉकिंग क्यों? पूछने पर बताया कि किसी नेता का यहां पर गेस्ट हाउस बना है उसमें आने वालों के वाहन पार्किंग के लिए जगह बनाई जा रही है।
इंटरलॉकिंग मजबूत करने के लिए सड़क से करीब ढाई फीट गहराई तक मिट्टी खोदी गई, अधिकतम जगह का इस्तेमाल करने के लिए बड़े बड़े पेड़ों की मूल जड़ छोड़कर अन्य जड़ें भी काट दी गईं। पूछने पर बताया कि इन्हें नहीं उखाड़ा जाएगा, लेकिन जिस तरह इनकी जड़ें खोद दी गईं हैं, पीसीसी और इंटरलॉकिंग होने से ये कुछ समय बाद खुद ही गिर जाएंगे। ग्रीन बेल्ट उजाड़ कर पार्किंग बनाए जाने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखी। लोगों का कहना था कि शहर की वायु गुणवत्ता लगभग पूरे साल खराब या अतिखराब बनी रहती है, ऐसे में जब एक एक पेड़ महत्वपूर्ण है, यहां पचासों हरे भरे पेड़ों को तिल तिल कर मारा जा रहा है। सरकार और प्रशासन हर साल पौधा रोपण का नाटक करते हैं लेकिन सत्ता की बात हो तो कुछ भी उजाड़ दिया जाता है। हालांकि हूडा के इस सेक्टर की देखभाल का जिम्मा नगर निगम का है लेकिन इस तरह के उल्टे सीधे काम कराने के लिए एफएमडीए को चुना गया है। दरअसल, एफएमडीए या नगर निगम या हूडा सभी जगह अधिकतर अधिकारी सत्तापक्ष के नेता, मंत्री, विधायक के सिफारिशी और इनके इशारों पर ही नाचने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार महज पचास मीटर की ग्रीन बेल्ट उजाडऩे का काम भी नेताजी के इशारे पर करवाया जा रहा है, न ही कोई प्रोजेक्ट है और न ही टेंडर। आम जनता को इससे कोई लाभ तो होने वाला नहीं लेकिन नेताजी के लिए ग्रीन बेल्ट तो क्या ये अधिकारी कुछ भी उजाड़ देंगे।