नेताओं की तरह अधिकारी भी उछाल रहे विकास के हवा हवाई जुमले

नेताओं की तरह अधिकारी भी उछाल रहे विकास के हवा हवाई जुमले
November 24 07:39 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर का विकास कागजों पर ही होना है तो विधायक धनेश अदलखा हों या मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व वाला एफएमडीए, नगर निगम या जिला प्रशासन सब एक से बड़े एक दावे करने में पीछे नहीं हैं। धनेश अदलखा द्वारा दशहरा ग्राउंड से सैनिक कॉलोनी तक एलिवेटेड रोड बनाए जाने की मांग मुख्यमंत्री के पास विचाराधीन ही है इसी बीच लूट कमाई का नया गढ़ बन चुके एफएमडीए के मुख्य अभियंता रमेश बागड़ी ने सैनिक कॉलोनी मस्जिद चौक से ईएसआई चौक तक एलिवेटेड रोड बनाए जाने का हवा हवाई दावा कर दिया है। उनका आत्म विश्वास तो धनेश अदलखा से भी बढ़ कर निकला, कहते हैं कि एक सप्ताह में सर्वे पूरा करा कर काम भी शुरू कर दिया जाएगा।

हवा में एलिवेटेड पुल बना रहे बागड़ी ही इस तरह का दावा कर सकते हैं जबकि अभी न तो सर्वे पूरा हुआ है न डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हुई है न एलिवेटेड रूट के लिए जमीन की तलाश हुई, बजट तो खैर छोड़ ही दीजिए। समझने वाली बात ये है कि बागड़ी जी सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक तक जिस एलिवेटेड रोड का दावा कर रहे हैं उसे वह ईस्ट वेस्ट कनेक्टिविटी परियोजना का नाम देते हैं जबकि ईएसआई चौक से शहर का पूर्वी छोर तो करीब दो किलोमीटर दूर स्थित रेलवे लाइन और उसके बाद नेशनल हाइवे को पार करने के बाद आता है। यानी ईस्ट वेस्ट परियोजना के नाम पर केवल हवा हवाई किले बांधे जा रहे हैं।

यदि बागड़ी सही कह रहे हैं तो वह बडख़ल विधायक धनेश अदलखा के प्रोजेक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं क्योंकि धनेश तो एनआईटी तीन दशहरा मैदान से सैनिक कॉलोनी मोड़ तक एलिवेटेड रोड बनवा रहे हैं। अब दो रोड तो एक जगह बन नहीं सकतीं, इसका अर्थ ये है कि किसी एक का दावा तो झूठा है। सरकार, नेताओं और अधिकारियों द्वारा जिस तरह घोषणाओं के ढिंढोरे पीटे जा रहे हैं उससे तो लगता है कि दोनों ही झूठे हैं।

समझने वाली बात यह भी है कि सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक के बीच केवल एनआईटी तीन मस्जिद चौक ही प्रमुख चौराहा है। यदि यहां पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए तो जाम की स्थिति ही न बने। एलिवेटेड रोड बनाने से पहले मस्जिद चौक से थोड़ी ही दूर चलने पर पावर हाउस के सामने टूटी फूटी पड़ी सड़क को यदि सही कर लिया जाए तो वाहन वहां से बेरोकटोक चल सकेंगे। यहां से जमाई कॉलोनी टी प्वाइंट तक सड़क टू वे है तो जाम की स्थिति बनती ही नहीं।

सवाल ये भी है कि केवल एनआईटी तीन मस्जिद चौक से ईएसआई चौक तक एलिवेटेड रोड बनाने का क्या फायदा होगा। ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाने वाले वाहनों का जाम इसके बाद ईएसआई चौक पर लगने लगेगा। बेहतर होता कि बागड़ी पहले खुद भी जमीन पर उतर कर शहर की भौगोलिक स्थिति को समझ लेते। एसी रूम में बैठकर शहर के नक्शे पर हवा हवाई पुल, ब्रिज उतारने या अंडरब्रिज बना देने से धरातल की समस्याएं उनकी समझ में नहीं आएंगी। ऐसा लगता है कि एफएमडीए के अधिकारियों को पुरानी सड़कों की मरम्मत में लूट कमाई की संभावनाएं कम नजर आती हैं इसीलिए नए नए प्रोजेक्ट बना कर पेश किए जा रहे हैं उनसे आम जनता का कोई भला हो या नहीं इससे उन्हें कुछ लेना देना नहीं है।

बागड़ी के हवाई सपने यहीं नहीं समाप्त होते उन्होंने शहर के पूर्वी और पश्चिमी छोर को जोडऩे के लिए बाटा रेलवे ओवर ब्रिज के साथ नेशनल हाइवे पर स्लिप रोड के निर्माण का भी एलान किया है। यह स्लिप रोड नीलम पुल की तरफ ऊपर उठती हुई जाएगी और अजरौंदा चौक के समीप स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास अंडरपास बना कर सेक्टर 12 से जोड़ा जाएगी। सवाल यह उठता है कि जब अजरौंदा पर अंडरपास बनाना है तो फिर बाटा से नीलम पुल के बीच एलिवेटेड रोड बनाने का क्या औचित्य, इसमें बाटा मेट्रो स्टेशन का पैदलपार पुल भी अड़ंगा बनेगा, यह स्लिप रोड सड़क के समानांतर भी बनाई जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अजरौंदा चौक पर अंडरपास बाहर कहां निकालेंगे। यहां नेशनल हाइवे और मेट्रो रूट के बीच सर्विस लेन है जिस पर अजरौंदा की ओर से आने वाले और बदरपुर की ओर से आने वाले वाहनों का तांता लगा रहता है। यहां पर अंडरपास की एक्जिट कहां बनाई जाएगी यह भी अभी निर्धारित नहीं है लेकिन दावे बड़े बड़े किए जा रहे हैं। सुधी पाठकों को याद होगा कि चुनाव के ठीक पहले इन्हीं बागड़ी महोदय ने ईस्ट वेस्ट कनेक्टिविटी के लिए बाटा से एलिवेटेड रोड बना कर अजरौंदा के पास यू टर्न लेते हुए सेक्टर 12 की सड़क के पास उतारने का दावा किया था। तब भी मज़दूर मोर्चा ने इस दावे को हवा हवाई करार देते हुए कई सवाल उठाए थे, जिनका जवाब बागड़ी जी भी नहीं तलाश पाए तभी तो अब अंडरपास बनाने का जुमला उछाला जा रहा है। बागड़ी के दावों से जनता को यह तो समझ ही जाना चाहिए कि हाल-फि़लहाल कहीं कुछ बनने नहीं जा रहा।

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Mazdoor Morcha
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