डॉ. रामवीर स्वास्थ्य के दृष्टिगत पारिवारिक चिकित्सक ने चिन्ता न करने का परामर्श दिया है। दुर्भाग्य है कि जन्मना देशभक्त होने के कारण देश में कहीं भी कुछ बुरा घटता हो तो चिन्तित हो जाता हूं। देशभक्तों को सारा देश अपने शरीर जैसा ही लगता है, देश की किसी भी संस्था में रोग के लक्षण दिखें देशभक्त को पीडा होती है। निश्चिन्तता का सौभाग्य अन्धभक्तों को ही प्राप्त है क्योंकि वे देशभक्ति और देशद्रोह की विभाजक रेखा से अनवगत हैं, इग्नोरैंस इज ब्लिस से लाभान्वित हैं।
भारत चमत्कारों का देश है। समाचारपत्र पढ़ें तो समाचार भी चमत्कार करते हैं। पाठक चमत्कृत न हों तो कैसा समाचार! पत्रकारिता के पाठ्यक्रमों में शायद यह भी पढाया जा रहा है। 20 मार्च 2025 के दैनिक भास्कर की हैड लाइंस हैं – महिला के निजी अंग पकडना और नाडा तोडना दुष्कर्म की कोशिश नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट। यह तो तब है जब यौन इरादे से बच्चों के अंग छूने को भी सुप्रीम कोर्ट यौन हमला कह चुका है।
अभी कुछ दिन पहले तक देश दुनिया के सारे चमत्कारी बाबा प्रयागराज में जुटे थे और रोज एक से बढ कर एक चमत्कारी बाइट दे रहे थे। नेताओं और गोदी मीडिया के सम्मिलित प्रयास से चमत्कारों की चौंध श्रद्धालुओं को चुंधिया रही थी। अब मेला निबटा तो शायद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चमत्कारों का चार्ज ले लिया है – हम ऐसे निर्णय देंगे कि देश ही नहीं दुनिया को चमत्कृत कर देंगे। विश्वगुरु होने के नाते विश्व भारतीय न्यायालयों के अधिकारक्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) में आता है ऐसा निर्णय भी ईश्वरीय मार्गदर्शन से प्रेरित सर्वोच्च न्यायालय का कोई न्यायमूर्ति दे ही देगा !
2017 में राजस्थान हाईकोर्ट के जज महेशचन्द्र शर्मा ने मोर के आंसुओं से मोरनी गर्भवती होती है – मोर ब्रह्मचारी होता है जैसा ज्ञान दे कर जिस चमत्कारी निर्णय प्रक्रिया की शुरुआत की थी उसे ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राममनोहर नारायण मिश्र ने आगे बढाया है। ध्यातव्य है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को विश्व के सबसे बड़े हाईकोर्ट का ओहदा प्राप्त है?। सबसे बड़ा होना जज और पीठों तथा वादों की संख्या पर आधारित है, अब लगता है कोर्ट ने सबसे चमत्कारी निर्णयों के आधार पर भी अपने ओहदे में सुर्खाब के पर लगाने की ठानी है। लगे रहो मुन्ना भाई माई लॉर्ड !