होडल (मज़दूर मोर्चा) जुम्मा-जुम्मा आठ दिन पहले कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सिंचाई मंत्री हर्ष कुमार हथीन विधानसभा से कांग्रेस की टिकट नहीं मिलती देख अब दबाव व ब्लैकमेलिंग पर उतर आए हैं।इसके लिए हर्ष कुमार ने होडल विधानसभा के अंतर्गत आने वाली चौबीसी के सौरोत गोत्र के गांवों के अपने चेले-चपाटों को आगे किया है। टिकट पाने के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत हर्ष कुमार ने 21 अगस्त को अपने समर्थकों के नाम से एक पंचायत यहां के एक मैरेज हॉल में आयोजित करवाई और इसका नाम दिया गया चौबीसी की पंचायत। पंचायत में उनके इशारे पर समर्थकों ने खुलेआम सीधे सीधे प्रदेश अध्यक्ष उदय भान सहित कर्ण दलाल तक को चेतावनी दे डाली कि यदि हर्ष कुमार को हथीन से टिकट नहीं मिली तो ‘चौबीसीÓ कांग्रेस उम्मीदवारों का विरोध करेगी।
वैसे तो राम विलास पासवान को राजनीति का मौसम विज्ञानी माना जाता है लेकिन हर्ष कुमार राम विलास पासवान के भी गुरु निकले, जिन्हें शायद खुद भी स्मरण नही होगा कि अपने राजनीतिक जीवन में कितनी पार्टियां बदल चुके हैं। गौरतलब है कि चौबीसी के सौंध, बंचारी, होडल, गढ़ी, गौडोता, कर्मन मर्रोली व पालरी गांव प्रमुख हैं। इन गांवों में जाट समुदाय सौरोत गोत्री हैं लेकिन खुद हर्ष कुमार का गोत्र सौरोत नही है, निसंदेह चौबीसी के गांवों में हर्ष कुमार के समर्थकों का अपना एक खासा गुट है। आज हरियाणा में कांग्रेस की स्थिति को देखते हुए नही लगता कि कांग्रेस हर्ष कुमार की ब्लैकमेलिंग के सामने झुकेगी क्योंकि हथीन क्षेत्र में इजराइल मोहम्मद कांग्रेस का बहुत मजबूत चेहरा है।
इलाके में चर्चा है कि हर्ष कुमार की इस तथाकथित चौबीसी पंचायत के जवाब में शीघ्र ही कॉंग्रेस पार्टी भी इससे बड़ी पंचायत करके जवाब देने वाली है। बीते दिनों पलवल में कांग्रेस पार्टी की हुई एक मीटिंग में हर्ष कुमार की राजनीति को लेकर कर्ण दलाल ने सवाल उठाया था कि हर्ष कुमार को कांग्रेस में शामिल करते वक्त उनसे पूछा नहीं गया। जवाब में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने बड़ा स्पष्ट कर दिया था कि कांग्रेस में शामिल होने वाले ये न समझें कि टिकट पर उन्हीं का अधिकार होगा। लगता है उसी इशारे के जवाब में हर्ष कुमार ने यह पंचायत बुलाई थी।