फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शुद्ध हवा में सांस लेना मनुष्य का जन्मसिद्ध मौलिक अधिकार है। जो सरकार मनुष्य के इस मौलिक अधिकार को भी सुरक्षित न रख सके उससे निकृष्ट एवं
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) 26 नवम्बर को निगमायुक्त धीरेन्द्र खडग़टा ने वार्ड नम्बर 25-26 का दौरा किया। उनके साथ संयुक्त निगमायुक्त राजेश कुमार, क्षेत्र के पार्षद तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) नियमानुसार शहर भर के किसी भी बाजार में दुकानदारों को अपनी सीमा से बाहर, सड़क घेर कर सामान रखने का अधिकार नहीं होता। नियम का उल्लंघन करने
फरीदाबाद (मजदूर मोर्चा) बुधवार 26 नंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के तत्काल बाद देश के
आनंद कुमार भारत सरकार ने पुराने लेबर लॉ की जगह चार नए लेबर कोड लागू किए हैं. सरकार ने इस कोड को कर्मचारियों और मजदूरों के हित में बताया है,
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सन् 1948 में भारतीय संसद द्वारा बनाए गए एक्ट के द्वारा ईएसआई कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई थी। इसके द्वारा देश के औद्योगिक श्रमिकों को बेहतरीन चिकित्सा
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) यहां के सरकारी पर्यटन स्थल सूरजकुंड पर चल रही 32वीं उत्तर क्षेत्रीय राज्य परिषद की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने घोषित किया कि दिल्ली ब्लास्ट
गिरीश मालवीय छ्वक्क ग्रुप की कंपनियों पर कुल 57 हजार करोड़ का कर्ज था अडानी ने सिर्फ 14,500 करोड़ रुपये दिए ओर जेपी समूह के उन 7 उद्योगों के कारोबार
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो बिहार चुनाव को लेकर वर्कर्स सोशलिस्ट पार्टी द्वारा चुनाव पूर्व की गई अपनी भविष्यवाणी के सत्य होने पर उन्होंने कहा कि जो हमने कहा था वही हुआ।
राम पुनियानी “मैं एक मुसलमान हूँ. मैं डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट (लोकतान्त्रिक समाजवादी) हूँ. और सबसे बुरी बात यह है कि मैं इनमें से किसी के लिए भी शर्मिंदा नहीं हूँ” (चुनाव