भ्रष्टाचारी एक्सईएन ओमदत्त : चोरी भी करे और सीनाजोरी

भ्रष्टाचारी एक्सईएन ओमदत्त : चोरी भी करे और सीनाजोरी
May 20 14:31 2025

बल्लबगढ़ (मज़दूर मोर्चा) खुद को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर का बेटा बता कर निगम के आला अधिकारियों पर दबाव बनाने वाला फर्जी डिग्री वाला भ्रष्टाचारी एक्सईएन ओमदत्त चोरी के साथ सीनाजोरी भी कर रहा है। वह है तो एक्सईएन लेकिन उसने संयुक्त आयुक्त स्तर के लिए आरक्षित फ्लैट पर कब्जा जमा रखा है। इतना ही नहीं फ्लैट के बाहर अतिरिक्त जमीन पर अवैध बाउंड्री खड़ी कर वहां गायों की डेयरी चला रहा है। इन गायों की देखभाल के लिए उसने सरकारी खर्चे पर यानी एचकेआरएन के तहत तैनात ड्राइवर को लगा रखा है। मज़दूर मोर्चा टीम ने उसकी यह करतूत पकड़ी तो वह औकात से बाहर जाकर सहयोगी को धमकाने लगा।

मज़दूर मोर्चा के सहयोगी एसएस राठौर को कुछ लोगों ने बताया कि बल्लबगढ़ नगर निगम ऑफिसर कॉलोनी कैंपस में कुछ दबंग अधिकारियों ने अवैध कब्जे कर डेयरी खोल रखी है। इस पर वह 3 मई की सुबह मौका मुआयना करने पहुंचे। वहां उन्हें संयुक्त आयुक्त स्तर अधिकारी के एक फ्लैट के बाहर निगम की जमीन पर बाउंड्रीवाल दिखाई दी। अंदर एक युवक उत्तम नस्ल की तीन गायों और एक बछिया को चारा डालते हुआ दिखा। उन्होंने कैमरा ऑन कर उस युवक से डेयरी के बारे में पूछना चाहा तो वह अभद्रता पर उतर आया। जानकारी देने के बजाय वह डंडा उठा लाया और सहयोगी को मारने की धमकी देने लगा।

सहयोगी ने आसपास पता किया तो बताया गया कि नगर निगम के एक्सईएन ओमदत्त ने अपने सरकारी आवास के साथ वाली जगह घेर कर डेयरी बना रखी है। आसपास के लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी बताया कि गायों का गोबर जबरन गोबर नालियों में बहाया जाता है, जबकि यह पूर्णतया प्रतिबंधित है। कुछ कहने पर सब लडऩे को तैयार रहते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ओमदत्त ने घर के सामने जमीन घेरी तो उनकी देखादेखी अन्य कर्मचारियों ने भी अतिक्रमण कर डाला, जगह तंग होने से कॉंप्लेक्स में रहने वाले अन्य कर्मचारियों को आवागमन में समस्या हो रही है।

जानकारी होने पर सहयोगी ने ओमदत्त से फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन वह तो सीनाजोरी करते हुए अभद्रता पर उतर आया। बोला कि उसकी निजी डेयरी है और उल्टे सहयोगी पर बिना इजाजत घर में घुसने का आरोप लगा कर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने लगा। बात नहीं बनी तो फिर अपने पद की धमकी देते हुए बोला कि मेरे मामले में आपने नहीं सुना है तो अच्छी तरह सुन लो, आगे से गलती मत कर दियो आने की। इस पर सहयोगी ने कहा कि आप तो ललकार रहे हो तो ओमदत्त ने धमकाने वाले अंदाज मेें कहा कि मैं आपके घर भी आऊंगा अभी, ललकारने की बात कर रहे हो आप, और दरख्वास्त भी दूंगा। लोकल हूं मैं यहां का, कोई विदेशी नहीं हूं। सहयोगी ने कहा कि समय बता दीजिए ताकि मैं उपलब्ध रहूंगा। इस पर धमकाते हुए बोला कि आप उपलब्ध रहेंगे या नहीं रहेंगे, तुझे पूछ के आऊंगा क्या मैं अपने हिसाब से आऊंगा और मैं अकेले नहीं आऊंगा दस आदमी लेके आऊंगा, तेरे समाज के।

सहयोगी ने पूछा कि वे क्या करेंगे तो मुद्दा बदलते हुए अभद्रता पर उतर आया हुए बोला कि मेरे घर में धंसेगा क्या तू। सहयोगी ने कहा कि मैं आप से आप आप कर बात कर रहा हूं तो बोला मैं नहीं कर रहा आप-आप से मैं बिल्कुल तू-तू करके बात कर रहा हूं रिकॉर्डिंग कर ले, तू मेरे घर में धंसेगा। सहयोगी ने कहा कि आप पहले अपने मन की कर लीजिए तो तमतमा कर बोला सुन पत्रकार, सुन ठाकुर साहब सुन मेरी बात, तू मोते मत टकरावे खांमखा गलत है, मेरा नुकसान होगा तेरा नुकसान होगा मैं पर्सनल बता रहा हूं कि तू मेरे घर में दखलंदाजी मत कर भई। सहयोगी ने कहा कि वह शालीनता से ही बात करता रहेगा, कोई दबाव पड़ता न देख ओमदत्त अपनी असली औकात पर उतर आया और बोला कि तू मेरे घर में दखल मत दे मैं तुझे कोई रिश्वत नहीं दूंगा, आज तक मैंने किसी पत्रकार को पैसा नहीं दिया है। सहयोगी ने उसके झूठे लांछन को नजरअंदाज करते हुए कहा कि वह हमेशा शालीनता से बात करेगा तो ओमदत्त फिर बदतमीजी पर उतरते हुए बोला कि लेकिन तू मेरे घर में धंसेगा। पाठकों को बता दें कि सहयोगी ने बाहर से ही कवरेज की थी लेकिन चोरी पकड़े जाने से परेशान होकर पहले तो ओमदत्त के कथित नौकर, जिसे एचकेआरएन का ड्राइवर बताया जा रहा है, ने अभद्रता की उसके बाद खुद मालिक ने पत्रकार को दबाव में लेने के लिए सारे दांव पेंच इस्तेमाल कर डाले।

कैंपस सूत्रो के अनुसार ओमदत्त ने बेटे की शादी से पहले ही अपने सरकारी आवास में बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए सरकारी खर्च पर एक और मंजिल बनवा डाला। फर्जी डिग्री होने के बावजूद गूजर के आशीर्वाद से नगर निगम में ऊंचा पद हासिल करने वाला ओमदत्त अनेक घोटालों में फंसा है, यहां तक कि विजिलेंस जांच भी उस पर चल रही थी लेकिन गूजर के इशारे पर उसे जांच से बाहर कर दिया गया। चर्चा तो यह भी है उसने अपनी ही तरह पत्नी की भी फर्जी डिग्री बनवा कर उसे भी कहीं सरकारी नौकरी दिलवा दी है। नगर निगम में भ्रष्टाचार के जरिए अथाह धन कमाने के लिए गूजर की मोटी कमाई वाले प्रोजेक्ट हमेशा उसे ही मिलते रहे हैं। मज़दूर मोर्चा उसके काले कारनामे समय समय पर प्रकाशित करता रहा है। अब देखना यह है कि नवागत निगमायुक्त धीरेंद्र खडगटा उससे ज्वाइंट कमिश्नर रैंक का फ्लैट खाली करवा कर एक्सईएन रैंक वाले फ्लैट में शिफ्ट करवाते हैं और स्थानीय लोगों की मुसीबत बनी डेयरी हटवाते हैं या फिर वो भी गूजर के फर्जी डिग्री वाले ‘बेटेÓ के आगे घुटने टेक देंगे।

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Mazdoor Morcha
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