आठ माह पूर्व हुई गुडिय़ा की हत्या को लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन

आठ माह पूर्व हुई गुडिय़ा की हत्या को लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन
April 11 16:51 2023

मुजेसर पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को जाने से रोका

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) गत वर्ष रक्षाबंधन के दिन 12 वर्षीय गुडिय़ा के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना थाना मुजेसर के लगभग सामने रेलवे लाइन के साथ बसी आजाद नगर कॉलोनी की है।

यह जघन्य वारदात न केवल शहर में बढ़ते अपराध का द्योतक है बल्कि पीएम मोदी के उस स्वछता एवं ‘खुले में शौच से मुक्त’ अभियान की भी पोल खोलता है जिसके नाम पर मोदी सरकार ने विशेष टैक्स के जरिये जनता से अरबों-खरबों रुपये वसूले थे। करीब दो वर्ष पूर्व झूठ बोलने में माहिर मोदी ने भारत को ‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित कर दिया था। यहां के नगर निगम ने शौचालय बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखा कर फाइलों का पेटा भर दिया था। जनता को मुंह चिढ़ाते टूटे-फूटे एवं खंडहर शौचालय जगह-जगह देखे जा सकते हैं।

शहर की सैंकड़ों मज़दूर बस्तियों में रहने वाली 8-10 लाख की आबादी जिस तरह से खुले में शौच जाने को मजबूर है, उसी तरह आजाद नगर कॉलोनी वासी भी रेलवे लाइन के किनारे शौच करने को मज़बूर हैं। जाहिर है कि इस काम के लिये रात के अंधेरे में जाना ही उचित समझा जाता है। इसी अंधेरे का ‘लाभ’ उठा कर गुडिय़ा भी शौच के लिये गई थी जो कभी लौट कर न आ सकी, आ सका तो केवल उसका क्षत-विक्षत शव। आज तक इस केस का कोई अपराधी पकड़ा नहीं जा सका। कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने कॉलोनी वासियों पर भी खूब जम कर डंडा घुमाया था।

वारदात के दिन से लेकर अभी तक विभिन्न मज़दूर एवं सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार धरने प्रदर्शन किये जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी अपराधी का पकड़ा जाना तो दूर, शौचालयों की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। टूटे-फूटे व खंडहर शौचालय आज भी ज्यों की त्यों जनता को मुंह चिढ़ा रहे हैं। इससे सिद्ध होता है कि शासन-प्रशासन को जनता की कोई परवाह नहीं है। हां, प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोकने में पुलिस अपना पूरा जोर लगा देती है। हर बार की तरह इस बार भी मुजेसर पुलिस ने उन चार ऑटो-रिक्शाओं को हिरासत में ले लिया था जिन में लद कर प्रदर्शनकारी डीसी कार्यालय जा रहे थे। हिरासत में लिये गये मज़दूरों द्वारा हल्ला-गुल्ला करने पर उन्हें कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया था।

इसी मसले को लेकर दिनांक पांच अप्रैल को आजाद नगर संघर्ष समिति के नेतृत्व में शहर के अनेकों जन संगठनों ने प्रात: 10 बजे से सायं पांच बजे तक धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर आयी अतिरिक्त उपायुक्त अपराजिता को, मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन दिया गया। इसके कुछ देर बाद पांच सदस्यीय शिष्ट मंडल ने उपायुक्त विक्रम से मुलाकात कर उन्हें मामले की गम्भीरता से अवगत कराते हुए, अपराधियों को पकडऩे, गुडिय़ा की मां को बतौर मुआवजा 50 लाख, विधवा पेंशन तथा एक घर देने की मांग की। इसके अलावा बस्ती के खंडहर पड़े शौचालय को तुरन्त चालू कराया जाय। इस पर उपायुक्त नेे तुरन्त निगमायुक्त को फोन करके शीघ्रातिशीघ्र शौचालय चालू करने को कहा। अन्य मांगों पर भी सहानूभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।

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Mazdoor Morcha
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