सैनिक कॉलोनी मंदिर की मोटी कमाई से मोनिका भाटिया को दूर कर दिया गया

सैनिक कॉलोनी मंदिर की मोटी कमाई से मोनिका भाटिया को दूर कर दिया गया
April 27 14:56 2026

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सैनिक कॉलोनी शिव मंदिर के दान की मोटी कमाई पर कब्जेदारी की लड़ाई लड़ रहीं सोसायटी निवासी मोनिका भाटिया को स्टेट रजिस्ट्रार सोसायटीज से झटका लगा है। स्टेट रजिस्ट्रार ने उनकी शिव मंदिर सैनिक समिति का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ डबुआ थाने में असिस्टेंट रजिस्ट्रार प्रवीन कादियान की ओर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, दस्तावेज में धोखाधड़ी करने और जान से मारने जैसी घातक धमकियां देने का भी केस दर्ज कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मोनिका भाटिया भी स्टेट रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार मोनिका भाटिया ने 13 जून 2024 को शिव मंदिर समिति सैनिक कॉलोनी को डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार डीआर कार्यालय में पंजीकरण कराया था, इसमें वह समिति की अध्यक्ष थीं। मंदिर समिति बनाने के बाद उन्होंने शिव मंदिर के प्रबंधन में दखल देना शुरू किया। कॉलोनी वासियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया और उनकी समिति का पंजीकरण रद्द कराने की कोशिश की जाने लगी। सोसायटी की सदस्य अंजू चौधरी ने 16 अगस्त 2024 को डीआर कार्यालय में आवेदन किया। इसके बाद डीआर कार्यालय में एक और शिकायत की गई कि कुछ लोगों ने गैरकानूनी तरीकेे से दि फरीदाबाद, एक्स सैनिक कॉलोनी एंड इंप्लाइज कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग कमेटी लिमिटेड की सदस्यता हासिल की है। जानकारों के अनुसार यह आरोप मोनिका भाटिया पर लगाया गया था, क्योंकि सदस्यता उनकी मां के नाम है। इसी शिकायत में यह दावा भी किया गया कि क्योंकि शिव मंदिर सैनिक कॉलोनी में है इसलिए वह सोसायटी की जागीर है, यही कारण है कि मंदिर का संचालन और देखरेख सोसायटी द्वारा किए जा रहे हैं। बात डीआर कार्यालय से अक्तूबर 2025 में स्टेट रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। मंदिर का पंजीकरण रद्द किए जाने का पत्र मिलने पर एसआर ने 16 अक्तूबर 2025 को मोनिका भाटिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में जवाब मांगा।

जानकारों के अनुसार मोनिका भाटिया ने शिव मंदिर समिति का पंजीकरण कराने में फर्जीवाड़ा किया। आरोप है कि सोसायटी के बाहर का कोई व्यक्ति न तो सदस्य बन सकता है न ही सोसायटी की किसी प्रॉपर्टी का प्रबंधन का दावा कर सकता है। मोनिका भाटिया सैनिक कॉलोनी की सदस्य नहीं है बावजूद इसके उन्होंने मंदिर समिति का प्रबंधन संभालने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर खुद को अध्यक्ष बनाया, यही नहीं इस समिति के बाकी सदस्यों में एक भी सैनिक कॉलोनी वासी नहीं था, कोई डबुआ में रहता है तो कोई कहीं और। इधर मंदिर प्रबंधन की बागडोर संभालने की लड़ाई चल रही थी इसी बीच एआर प्रवीन कुमार कादियान ने उनके खिलाफ 15 जनवरी 2025 को डबुआ थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी।

एफआईआर के अनुसार मोनिका भाटिया मंदिर के पुजारियों, सेवादारों को परेशान कर रही हैं, एक सेवादार रामकिशन को उन्होंने जबरन मंदिर से निकाल दिया। बताया गया कि शिव मंदिर के बारे में कोई भी निर्णय लेने का अधिकार केवल आम सभा की बैठक या प्रशासक मंडल को ही है। आरोप यह भी लगाया गया कि फर्जीवाड़ा करने के कारण 14 अगस्त 2024 को मोनिका की मंदिर समिति का पंजीकरण रद्द कर दिया गया था लेकिन वह अभी भी बेवजह का पत्राचार कर डीआर कार्यालय को परेशान कर रही है। डबुआ थाने की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इधर मोनिका भाटिया ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। दोनों पक्षों के तथ्यों को परखने के बाद स्टेट रजिस्ट्रार ने माना कि शिव मंदिर समिति का पंजीकरण तथ्य छिपा कर धोखे से कराया गया जो कि हरियाणा स्टेट रजिस्ट्रार सोसायटीज नियम 2012 के उपनियम 9(1) का उल्लंघन है। क्योंकि शिव मंदिर पहले ही पंजीकृत सैनिक सोसायटी की प्रॉपर्टी है ऐसे में उसकी देखरेख और प्रबंधन के लिए कोई दूसरी समिति बनाना केवल लड़ाई झगड़े का कारण ही है। इस आधार पर स्टेट रजिस्ट्रार सतीश कुमार सिंगला ने 2 अप्रैल 2026 को डीआर कार्यालय द्वारा 13 जून 2024 को मोनिका भाटिया की शिव मंदिर समिति के पंजीकरण रद्द करने का अनुमोदन किया। साथ ही डीआर को उचित कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।

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Mazdoor Morcha
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