डॉ रामवीर
तेरी मुझको नहीं माननी तू ही मेरी मान दुराग्रह ही अन्धभक्तों की है असली पहचान।
जो कुछ रटवा दिया है उसका कर देते हैं बखान अन्य किसी की बात पे धरते नहीं कदापि कान।
कोई भक्त न मिला आज तक जो सुनता हो बात उसे तो अपनी ही गानी है कुछ भी हों हालात।
झूठे आंकड़े बतलाने में लगे रहते दिन रात सच से रखते नहीं वास्ता झूठ ही है सौगात।
गोएबल्स को गुरु मानते भाड़ में जाए सत्य उनका लक्ष्य है किसी तरह भी मिल जाए आधिपत्य।
अधिपति हो कर भी तो करोगे वे ही ओछे काम निराधार अफवाहें फैला कर करने सब बदनाम।
भारत माता ग्रामवासिनी को करके निर्वासित दलहित में ही धनपतियों को करते रहते पोषित।
कहने को तो बड़े बड़े लक्ष्य किए हैं घोषित किन्तु सोचते नहीं कि उनसे कितना होगा जनहित।