देश दशा को देख मेरा मन…

देश दशा को देख मेरा मन…
August 03 18:29 2025

डॉ. रामवीर

देश दशा को देख मेरा मन
रहता प्राय: खिन्न
जो सच्चाई नहीं जानते
वे दिखते हैं प्रसन्न।

बुरे काम का बुरा नतीजा
इस पर है विश्वास
और उधर ऐसे हैं जिनको
यह लगती बकवास।

जो केवल पीछे ही देखते
आगे की नहीं सोचें
वे औरों को नहीं स्वयं को
भी देते हैं धोखे।

पहले यदि कुछ गलत हुआ है
उसे न देवें तूल
बदला लेने जैसी भावना
सिद्ध होती है भूल।

गाडी में रीअर व्यू मिरर भी
माना होता जरूरी
किन्तु यात्रा आगे देख कर
ही होती है पूरी?

सब का साथ सब का विकास
यूं तो बोल दिया
उल्टी सीधी करतूतों ने
भांडा फोड दिया।

मन वचन औ कर्म में सज्जन
होता एक समान
दुर्जन ही नकली समान की
खोला करता दुकान।

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