डॉ. रामवीर कबूतर और कबूतरबाजी में फर्क होता है, इवेंट और इवेंटबाजी में भी। आवश्यकतानुसार यथासमय इवेंट होना स्वाभाविक है, पर हर इवेंट को आत्मप्रचार और मिथ्या आत्मश्रेष्ठता प्रदर्शन के
डॉ. रामवीर देश दशा को देख मेरा मन रहता प्राय: खिन्न जो सच्चाई नहीं जानते वे दिखते हैं प्रसन्न। बुरे काम का बुरा नतीजा इस पर है विश्वास और उधर