डॉ. रामवीर
बीजेपी के आईटी सैल से निकल रहा जो कूड़ा कचरा वह युवकों के दिलो-दिमाग में धीरे धीरे जा रहा पसरा ।
झूठी खबरें गलत सूचना देने वाले बेहया लोग देशभक्त खुद को कहते पर उनसे ही है देश को खतरा।
कूड़ा भी स्वीकार्य है उसको जा सकता है खाद में बदला किन्तु दुष्कर है निकालना मन में भरा जहरीला कचरा।
देशभक्ति होती स्वाभाविक पशुओं तक में मिल जाती है नकली देशभक्ति सत्ता का इक हथियार ही हो जाती है।
‘मैं और मेरे जैसे ही बस देशभक्त हैं पूरे देश में ऐसा दावा करते ढोंगी घूम रहे भक्तों के वेष में।
दुनिया के इतिहास में ऐसा एक नहीं कई बार हुआ है जब स्वघोषित देशभक्तों ने खुद स्वदेश का नाश किया है।
नाजी नजरों से देखो तो हिटलर देशभक्तों का राजा उसकी नकली देशभक्ति ने जर्मनी का बजवा दिया बाजा।
पर यह बात वही समझेंगे जो पढ़ते जग का इतिहास मेरे जैसों की बातें तो भक्तों को लगतीं बकवास।
उस दिन एक भक्त टकराया पहले तो मुझको समझाया फिर निराश हो शुद्ध हिन्दी में मुझको प्रज्ञावादी बताया।
प्रज्ञावाद में से कम से कम मैंने प्रज्ञा को अपनाया और प्रज्ञा की कर के अवज्ञा अपना स्तर उसने दिखाया।