क्रांतिकारी मजदूर मोर्चाँ ऐसे एक समय में जब मोदी राज की नव-उदारवादी नीतियों की वजह से हमारे देश की कृषि और किसान गहरे संकट में हैं, जब साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के माध्यम से किसानों और मेहनतकश जनता को बांटने की एक ख़तरनाक कोशिश की जा रही है, जब आरएसएस-भाजपा की कारपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवादी ताकतों द्वारा नागरिक स्वतन्त्रता और जनवादी अधिकारों को खत्म करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है, तो इन सब ख़तरनाक प्रयासों का प्रतिरोध करने और उसे शिकस्त देने के लिए सभी क्रान्तिकारी किसान संगठनों को एकजुट करना हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्यभार बन जाता है।
इस पृष्ठभूमि में, गत 19-20, दिसम्बर 2024 को चार क्रान्तिकारी किसान संगठनों – अखिल भारत प्रगतिशील किसान सभा, सदौ असम खेतियोक संस्था, त्रिपुरा कृषक मुक्ति परिषद और अखिल भारत क्रान्तिकारी किसान सभा को एक संगठन में एकताबद्ध करने के लिए बैठक आयोजन किया गया। यह बैठक पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके के माछीभांगा गांव में आयोजित की गई जो वर्ष 2017-18 में पावरग्रिड विरोधी आन्दोलन का एक जुझारू केन्द्र था। इस एकता बैठक में उक्त संगठनों के अगुआ किसान संगठनकर्ता शामिल हुए।
बैठक में तेलंगाना, आन्ध्रा प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल , असम, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। बैठक में संगठन के कार्यक्रम और संविधान को स्वीकार किया गया और एक नये एकताबद्ध किसान संगठन का गठन किया गया, जिसका नाम अखिल भारत एकीकृत किसान सभा (एआईयूकेएस), रखा गया है।
इस बैठक में 21 सदस्यीय अखिल भारत सांगठनिक कमेटी का चुनाव किया गया और 3 साथियों का संयोजक मंडल चुना गया। संयोजक मंडल में कामरेड के रंगैय्या (तेलंगाना), विमल (दिल्ली) और कृष्णा गोगोई (असम) शामिल हैं। अपनी स्थापना बैठक में एआईयूकेएस ने ऐलान किया कि 9 जनवरी 2025 को अखिल भारतीय मांग दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें किसानों, मेहनतकशों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और समाज के अन्य सामाजिक रूप से उत्पीडि़त व दमित तबकों के राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर के ज्वलंत और तात्कालिक वर्गीय, सामूहिक और सामाजिक मुद्दों को उठाया जाएगा।
एआईयूकेएस देशव्यापी और राज्यव्यापी जुझारू किसान आन्दोलन खड़ा करने के लिए समान विचार के अन्य संगठनों, विशेष रूप से संयुक्त किसान मोर्चा के साथ एकताबद्ध होगा। यह केवल तात्कालिक मांगों के लिए ही नहीं, बल्कि बुनियादी मांगों के लिए, साम्राज्यवाद, बड़े पूंजीपति और प्राक्-पूंजीवादी ताकतों का समूल नाश कर पूरे समाज को नए ढांचे में क्रान्तिकारी तरीके से ढालने के लिए भी लड़ेगा। एआईयूकेएस का दृढ़ता के साथ मानना है कि सभी क्रान्तिकारी किसान संगठनों की एकता और एकताबद्ध अखिल भारत किसान संगठन का निर्माण इस समय की मांग है और किसानों की दिली चाहत है। हम इसे साकार रूप देने के लिए अथक परिश्रम करेंगे।