1ईएसआईसी का नर्सिंग कॉलेज इसी वर्ष शुरू

1ईएसआईसी का नर्सिंग कॉलेज इसी वर्ष शुरू
January 05 16:38 2025

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ईएसआई कॉर्पोरेशन इसी वर्ष से फरीदाबाद में नर्सिंग कॉलेज शुरू करने जा रहा है। यह ईएसआई मेडिकल कॉलेज एनएच तीन से सम्बन्धित होगा। इसके लिए सेक्टर 47 में स्थित आरआईएल (रीजनल लेबर इंस्टीट्यूट) की बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज को सौंप दी गई है। पांच एकड़ में स्थित इस बिल्डिंग का निर्माण कार्र्य केन्द्रीय श्रम मंत्रालय ने रोते-पीटते सन से 2004 में शुरू करके 2009 में पूरा किया था। इसका उद्देश श्रमिकों के स्वास्थ्य की देख-भाल एवं टे्रनिंग आदि देने का था। इसके लिए 60 लोगों का स्टाफ स्वीकृत किया गया था लेकिन वास्तव में यहां कभी भी पांच से अधिक का स्टाफ नहीं रहा। जाहिर है कि मज़दूर कल्याण के नाम पर भारी-भरकम खर्च करके आलीशान बिल्डिंग बना तो दी जाती है परन्तु उनके कल्याण के प्रति पूरी उदासीनता बरती जाती है।

खैर जो भी हो, अब श्रम मंत्रालय की समझ में इस बिल्डिंग का सदुपयोग करना आ गया है। इस नाते बीते सप्ताह इसे ईएसआई मेडिकल कॉलेज के हवाले करके नर्सिंग कॉलेज चलाने का निर्णय ले लिया गया है। इस कॉलेज में बीएससी पाठ्यक्रम के लिए 60 तथा एमएससी के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। छात्रों का चयन नीट परीक्षा के आधार पर ही किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसी वर्ष यह कॉलेज चालू हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ ईएसआई के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने में होगा। विदित है कि अभी तक हरियाणा में केवल ऐसा एक ही नर्सिंग कॉलेज है जो रोहतक मेडिकल कॉलेज से सम्बन्धित है।

इकलौते नर्सिंग कॉलेज के चलते, जाहिर है कि नर्सिंग स्टाफ की पूर्ति पर्याप्त नहीं हो सकती। इसके चलते धंधेबाज़ लोगों ने फर्जी डिग्रियां बांटने वाले अनेकों नर्सिंग कॉलेज खोल डाले। इनका एक रोचक किस्सा तो जब सामने आया जब वर्ष 2015 में तत्कालीन मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च कमिश्नर प्रदीप कासनी ने इनकी मान्यता को रद्द करते हुए, इनके द्वारा बांटी गई डिग्रियों को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। उसके बावजूद भी सरकार ने कोई उपयुक्त एवं प्रभावी कदम उठाने की बजाय प्रदीप कासनी को ही उनके पद से हटा दिया।

असली काम की बजाय नकली से ही काम चलाने की आदी हरियाणा सरकार ने नर्सों की कमी पूरी करने के लिए, नर्सिंग डिप्लोमा कार्यक्रम चलाया हुआ था। इसके अनुसार मैट्रिक पास लड़कियों को जि़ला अस्पतालों में बतौर प्रशिक्षु भर्ती करके दो साल में डिप्लोमा दे कर नर्स बना दिया जाता था। परन्तु अब एनएमसी की नई गाइड लाइन तथा पेशे की मांग के मुताबिक इस तरह के डिप्लोमे को बंद कर दिया गया है।

जुमलेबाजी का खेल-खेलने में माहिर हरियाणा सरकार बीते करीब 10-12 साल से फरीदाबाद के गांव दयालपुर व अरवा में नर्सिंग मेडिकल कॉलेज खोलने का नाटक खेल रही है। मीडिया में छाए ताजा सरकारी बयानों के अनुसार इन दोनों नर्सिंग कॉलेजों में भी दाखिला शुरू करने की बात कही तो गई है, परन्तु इन जुमलेबाजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पता नहीं ये डिप्लोमा देंगे या बीएससी और एमएससी की डिग्रियां देंगे या फिर कॉलेज की निर्माण प्रक्रिया ही चलती रहेगी।

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Mazdoor Morcha
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