नई दिल्ली (मज़दूर मोर्चा) सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अलीखान ने दिनांक 8 मई, 2025 को एक पोस्ट डाली थी। इसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बारे
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो सुप्रीम कोर्ट के आधुनिक इतिहास में किसी इक्का-दुक्का को छोड़ कर तमाम पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट को न्याय बेचने की दुकान की तरह चलाते रहे हैं।
सेवा में, माननीय न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय वाई चंद्रचूड़ मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया नई दिल्ली. महोदय, मैं, भारत के 20 करोड़ मुसलमानों की ओर से, एक चिंतित नागरिक और
राम पुनियानी पिछले कुछ दशकों में भारत में कई बाबाओं का उदय हुआ है. इसके पहले भी बाबा हुआ करते थे मगर इन दिनों बाबाओं का जितना राजनैतिक और सामाजिक
कुश्ती माफिया बृज भूषण अभी बाहर है मज़दूर मोर्चा ब्यूरो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 166ए के मुताबिक किसी भी शिकायतकर्ता की एफआईआर दर्ज न करना अपराध है इसके
करनाल। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा में प्रथक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन और इससे संबंधित एक्ट को लीगल करार देने के लिए यदि किसी को श्रेय देना चाहिए तो केवल
जेपी सिंह उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को यूपी पुलिस की सभी एफआईआर में ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। जस्टिस
आकार पटेल अभी हाल ही में हमारे सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने विदेश में दिए लेक्चर के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले मुद्दे को उठाया। लीगल मामलों
विजय शंकर सिंह यह देश के न्यायिक इतिहास का संभवत: पहला मामला होगा जिसमें याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया और याचिकाकर्ता से जुड़े लोगों को उसके तुरंत बाद
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो लखीमपुर खीरी में पांच किसानों की योजनाबद्ध हत्या करने वाला मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा को लखनऊ हाई कोर्ट ने करीब एक माह पूर्व जमानत पर रिहा कर