सरकार ने छीन लिया प्रदूषण मुक्त वातावरण फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जि़ला प्रशासन हो अथवा सुप्रीम कोर्ट, इन सबको सैंकड़ों किलामीटर दूर जलती पराली का धुंआ तो दिख जाता है, लेकिन
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) औद्योगिक नगरी में प्रदूषण स्तर 2017 से भी कम करने के उद्देश्य से 2019 में शुरू किए गए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) नगर निगम के भ्रष्ट
डॉ. रामवीर प्रदूषण के विषय में समाज और सरकारों की चिन्ता से सब परिचित हैं किन्तु प्रदूषण कहते ही केवल वायु या जल पर ध्यान जाता है। नि:सन्देह इन दोनों
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) दो सौ करोड़ का घोटाला करने वाले नगर निगम के अधिकारी जनता की गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाने के नए नए तरीके खोजते रहते हैं। अब शहर
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर के पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सिर्फ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू करने के नाम पर जुर्माना वसूलने, उद्योग, निर्माण बंद करवाने से
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर में बढ़ते प्रदूषण के जाने-माने कारणों को दूर करने की अपेक्षा वायु शोधक उपकरणों की खरीदारी की योजना बनाई जा रही है। नगर निगम कार्यालय के
ठोस उपाय करने के बजाय भ्रमित करने में जुटी सरकार फरीदाबाद (म.मो.) पूंजीवादी व्यवस्था ने अधिकाधिक मुनाफा बढ़ाने की हवस में समूचे पर्यावरण को घातक स्तर पर ला खड़ा किया
फरीदाबाद (म.मो.) सांस लेने के लिये शुद्ध वायु प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है जब इससे भी नागरिक वंचित रह जायें? इसके