मज़दूर मोर्चा ब्यूरो छठवीं बार संसद पहुंचे पूर्णिया के ज़मीदार खानदान के पप्पू यादव का राजनीतिक सफर 14 जून 1998 को हुई माकपा विधायक और सामंतवाद के घोर विरोधी अजीत
मजदूर मोर्चा ब्यूरो दिसंबर 2023 के राज्य विधानसभा नतीजों का राजनीतिक संदेश यही है। पार्टी की दक्षिण में तेलंगाना की जीत में ही नहीं, उत्तर में तीन राज्यों की हार
मजदूर मोर्चा ब्यूरो धर्म के नाम पर पाखंड का खेल खेलने में माहिर यूपी के भाजपाई मुख्यमंत्री ठाकुर अजय सिंह बिष्ट ने दीवाली के अवसर पर भगवान को प्रसन्न करने
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो जुमलेबाज़ी के द्वारा जनता को वरगलाने में पूरी महारत रखने वाली खट्टर सरकार के साथ-साथ मोदी की केन्द्रीय सरकार अनगिनत मेडिकल कॉलेज व एम्स खोलने की घोषणाएं
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो वर्ष 2014 से पूर्व के कांग्रेसी शासनकाल में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार, घोटालों, महंगाई व बेरोजगारी से जनता इस कदर त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही थी कि विकल्प के
प्रथम इंटरनेशनल के संविधान में, विश्व सर्वहारा के महान नेता कार्ल मार्क्स और फ्रेडेरिक एंगेल्स द्वारा दी गई एक बुनियादी सीख मज़दूरों को हमेशा याद रखना चाहिए, “मज़दूरों की मुक्ति
साथियो, मोदी सरकार मज़दूरों से कितना प्रेम करती है, उनका कैसा ‘सशक्तिकरण’ कर रही है, इस बात का एक और सबूत आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है! सरकारी संस्थान
मजदूर मोर्चा की खबर का जवाब फ़रीदाबाद (म.मो.) ‘चोर मचाये शोर’ वाली कहावत को चरितार्थ करते उए संजय कुमार ने अपने प्यादे से अंग्रेजी भाषा में एक व्हाट्सऐप मेसेज फॉरवर्ड