राकेश अचल पू्र्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड जब तक खुद नहीं बोलेंगे तब तक किसी को भी ‘धनकड गति’ की हकीकत का पता नहीं चलेगा, और मेरा पक्का यकीन है कि
सतपाल मालिक की भांति विपक्ष की पिच पर खेलने लगे थे धनखड़ साहब ? पिछले काफी समय से धनकड़ साहब बीजेपी के विरोधियों से लगातार सार्वजनिक और व्यक्तिगत रूप से
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो ताऊ देवी लाल की टिकट पर पहली बार राजस्थान के झुंझुनू से सांसद, बाद में कांग्रेस की टिकट पर 1993 में किशनगढ़ से विधायक बनने वाले जगदीप