पुलिस के सुरक्षा घेरे में सुरक्षित चलने वाला फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) दिल्ली धमाकों के संदर्भ में पाखंडी बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘हम सनातनियों को कोई भी रोक नहीं सकता, न
महबूब नमाज पढ़कर लौट रहे थे। सामने एक रेलवे ट्रैक था। वे गुजर रहे थे कि अचानक उन्हें चीख सुनाई देती है। जिस मालगाड़ी पर चढ़कर वे ट्रैक पार रहे
भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि भले ही कुछ लोग घृणा फैलाने वाली राजनीति को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक पहचान का इस्तेमाल करते
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर की डबुआ कॉलोनी स्थित जामा मस्जिद के ठीक सामने वाली गली में बीते शनिवार को संघ-भाजपा समर्थित दंगाई लक्ष्मण और उसके साथियों ने जबरन महाबीर गली
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो बांग्लादेश में सम्मिलित सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी के विरोध में भारत में संघ-भाजपा समर्थित कट्टरवादी हिंदू संगठनों द्वारा आए दिन
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सांस लेने को शुद्ध हवा नहीं, पीने को स्वच्छ पानी नहीं, पढऩे को स्कूल नहीं, इलाज को अस्पताल नहीं, काम को रोजगार नहीं तो कोई चिंता नहीं।
सेवा में, माननीय न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय वाई चंद्रचूड़ मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया नई दिल्ली. महोदय, मैं, भारत के 20 करोड़ मुसलमानों की ओर से, एक चिंतित नागरिक और
करनाल। हिंदू-मुसलमान और जातियों के बीच टकराव पैदा कर सत्ता हासिल करने की भाजपा की कला इस विधानसभा चुनाव फ्लॉप होती नजर आ रही है। दस साल में मोदी-खट्टर-सैनी की
इस नये भारत में मुसलमान होने का मतलब आवाजहीन होना है। मुख्यधारा के लगभग सभी राजनीतिक दल “मुस्लिम” शब्द का इस्तेमाल करने से बचते हैं, इसकी जगह वे अक्सर “अल्पसंख्यक”
एक बहुत झूठी और आम बात है। मुझे दु:ख है कि ये बात झूठ होते हुए भी आम है। “मुस्लिम कितने भी सगे हों, आखिर में अपना रंग दिखा ही