शिक्षा निदेशालय दिखा रहा मुंगेरीलाल के हसीन सपने फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मोदी-सैनी द्वारा काम नहीं लेकिन काम का ढिंढोरा पीटने और जुमलेबाजी से शिक्षा निदेशालय भी प्रेरित नजर आ रहा
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) राइट टू एजुकेशन का पाखंड करने वाली मोदी-सैनी की डबल इंजन सरकारें बीते चार वर्षों में भी स्कूलों के जर्जर भवन नहीं बना पाई हैं। इनके निर्माण
गबन उजागर होने के बावजूद प्रिंसिपल छतरपाल अपने पद पर कायम बल्लबगढ़ (मज़दूर मोर्चा) बीते दिनों स्थानीय राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल की 10 वीं तथा 12 वीं जमात की
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह के अनुसार जिले के सभी राजकीय विद्यालयों की कक्षाओं में स्मार्ट डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। यानी अब प्राथमिक, माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक, मॉडल
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शिक्षामंत्री सीमा त्रिखा बयान देती हैं कि अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर बहुत विश्वास है यही कारण है कि इनमें बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है, दूसरी
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सरकार और शिक्षा निदेशालय द्वारा दो साल से पीटा जा रहा ज़ीरो ड्रॉप आउट का ढिंढोरा जिले में बेकार साबित हो रहा है। तमाम मशक्कत के बावजूद
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) नकारात्मक परिणाम आने के बावजूद झूठे दस्तावेज लगाकर राज्य शिक्षक पुरस्कार हड़पने वाला, सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) की धनराशि हड़पने और गबन
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) निजी स्कूलों से मोटी लूट कमाई करने और बंदरबांट का मामला शिक्षा निदेशालय में भी गरमा गरम मुद्दा बन चुका है। बताया जा रहा है कि बीते
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते दस वर्ष के शासनकाल में हरियाणा की भाजपा सरकार ने सैंकड़ों सरकारी स्कूल ये कह कर बंद कर दिए कि इनमें कोई पढऩे वाले बच्चे आते
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) कार्यालय में मैडम एलिजाबेथ कह कर इंगित की जाने वाली डीईओ आशा दहिया ने अपनी भव्य विदाई के जमकर इंतजाम किए लेकिन लेक्चरर एसोसिएशन और स्कूलों के