मेडिकल कॉलेज में प्रति वर्ष 100 सीटों के हिसाब से 500 सीट का हॉस्टल होना जरूरी था जबकि बनाया गया मात्र 376 सीट वाला। दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की
नये भवन की घोषणा, दो कमरों का काटा फीता फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते रविवार 26 मार्च को केन्द्रीय श्रम मंत्री भूपेन्द्र सिंह यादव ने एनएच तीन स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) संदिग्ध मृत्यु मामलों में शवों का पोस्टमार्टम, पुलिस द्वारा कराया जाना अनिवार्य है। जि़ले भर में होने वाले इस तरह के करीब 1600 पोस्टमार्टम प्रति वर्ष बीके
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) औद्योगिक मज़दूरों के लिए चिकित्सा क्षेत्र में ईएसआई मेडिकल कॉलेज एक के बाद एक नई उपलब्धियां हासिल करने में जुटा है। अपने ही डॉक्टरों विशेषकर स्नातकोत्तर विद्यार्थी,
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते 13 फरवरी को ईएसआई मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कैथलैब की वर्षगांठ बहुत ही उत्साहपूर्वक लेकिन निहायत सादे तरीके से मनाई गई। सुधी पाठक भूले नहीं होंगे
फरीदाबाद (म.मो.) जो मज़दूर अपने वेतन से निरंतर ईएसआई को अंशदान देने के बावजूद उचित एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाओं से वंचित रह जाया करते थे, उनके लिये रोबोट सर्जरी किसी
फरीदाबाद (म.मो.) ईएसआई मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद के हृदय रोग विशेषज्ञ ने एक उन्नत न्यूनतम इनवेसिव तकनीक टीएवीआर का उपयोग करके 75 वर्षीय पुरुष रोहतान निवासी गांव फलोदा, पर सफलतापूर्वक हृदय
फरीदाबाद (म.मो.) एनएच तीन स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज का जन्म कोई आसानी से नहीं हो गया था। ईएसआई कॉर्पोरेशन मुख्यालय (नई दिल्ली) में बैठे अफसरों के कड़े विरोध के चलते
फरीदाबाद (म.मो.) दिनांक चार दिसम्बर को ईएसआई कॉर्पोरेशन की189 वीं बैठक केन्द्रीय श्रममंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में समपन्न हुई थी। इसमें अन्य अनेक प्रस्तावों के साथ-साथ प्रत्येक मेडिकल कॉलेज
फरीदाबाद (म.मो.) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पूर्व सरसंघ चालक माधव सदाशिव गोलवलकर अपनी किताब ‘द बंच ऑफ थॉट्स’ में लिख गये हैं कि धन सब लोगों के पास नहीं