फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएच तीन स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज में 29 जनवरी को आंखों का ऑपरेशन करते समय फेको मशीन खराब हो जाने के चलते पांच-छह मरीजों का ऑपरेशन तो
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) किसी भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल को चलाने के लिये एक डीन तथा एक चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) का होना पहली शर्त होती है। डीन पद के लिये किसी
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) अस्पताल में इलाज के लिये आने वाले मज़दूरों की सहायता एवं मार्गदर्शन के लिये ‘क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा’ ने गेट नम्बर एक पर हेल्प-डेस्क स्थापित करने का निर्णय
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ईएसआई कॉर्पोरेशन पर काबिज़ जनविरोधी मुख्यालय ने कभी नहीं चाहा कि जिन मज़दूरों से वह अपना खजाना भर रहा है उन्हें समुचित चिकित्सा सेवाएं मिलती रहें। सर्वविदित
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मोदी सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के चलते ईएसआई कॉर्पोरेशन स्टाफ की भारी कमी के बावजूद हरियाणा की खट्टर सरकार ने एनएच तीन स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ईएसआई कॉर्पोरेशन मुख्यालय द्वारा लगाई जाने वाली तमाम अड़ंगेबाजियों के बावजूद एनआईटी नम्बर तीन स्थित ईएसआई अस्पताल में 27 दिसम्बर को किडनी का सफल प्रत्यारोपण कर दिया
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सर्वविदित है कि ईएसआई कॉर्पोरेशन केवल अपने बीमाकृत मज़दूरों को ही चिकित्सा सेवाएं दे सकता है। इसका उल्लंघन करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। इसके
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएच तीन स्थित मेडिकल कॉलेज-अस्पताल अपनी उत्कृष्ट फैकल्टी एवं बेहतरीन सेवाओं के लिये देश भर में प्रसिद्धि की नई-नई बुलंदियां छू रहा है। वहीं इस बेहतरीन संस्थान
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा भर के 28 लाख मज़दूरों सहित देश भर के करीब पौने चार करोड़ मज़दूरों के वेतन से चार प्रतिशत वसूलने में तो कॉर्पोरेशन तगड़ी है। इसके
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सभी प्रकार की महीन सर्जरी में अति उपयोगी सिद्ध हो रहे रोबोटिक उपकरण प्राप्त करने के लिये, एनएच तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने बीते सप्ताह