फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) प्राकृतिक बडख़ल झील को सत्ता द्वारा कृत्रिम संसाधनों से भरवाने की सनक परवान चढ़ाने वाले स्मार्ट सिटी के निकम्मे रिटायर्ड अफसरों ने पूरे बडख़ल गांव और आसपास
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बडख़ल झील बीते 11 वर्षों से भाजपा के लिए जनता को सुनहरे ख्वाब दिखा कर चुनाव जीतने और हरामखोर अधिकारियों के लिए नेताओं की मिलीभगत से लूट
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मुर्दा हो चुकी बडख़ल झील को पुर्नजीवित कराना, सीमा त्रिखा का पहला चुनावी मुद्दा 2014 में बना था। पांच साल बाद होने वाले 2019 के चुनाव में
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बडख़ल झील को प्राकृतिक स्रोतों की जगह सीवर के पानी से भरने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए लेकिन क्षेत्र की जनता को
खनन माफिया की लालच और प्रशासनिक अधिकारियों की लूट कमाई के कारण सूख गई बडख़ल झील को पर्यावरणविदों ने मुफ्त में भरने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इससे तो सरकार
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) उत्सवजीवी प्रधानमंत्री का जन्मोत्सव भाजपाई इस बार भी बडख़ल झील पर नहीं मना पाएंगे। केंद्रीय मंत्री किशनपाल गूजर, विधायक सीमा त्रिखा सहित अनेक भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री
फरीदाबाद (म.मो.) बडख़ल झील को लेकर पहली बार किसी अधिकारी ने कोई अक्ल की बात कही है। उपायुक्त विक्रम ने 14 दिसम्बर को इस झील एवं इसके आसपास के क्षेत्र
शहर के पार्कों मेंं लगेगा सीवर का पानी फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम के अति ‘बुद्धिमान’ अफसरों ने एक तीर से दो शिकार करने की बेहतरीन योजना प्रस्तुत की है। इसके