निगम मुखिया पद के लिए एसीएमसी जुट गये हैं पंचकूला मुख्यालय की परिक्रमा में की परिक्रमा फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सोने के बिस्कुट खाने और महंगे लहंगे पहनने वाली निगमायुक्त आईएएस मोना ए श्रीनिवास को जल्द ही रुख्सत किए जाने के चर्चे नगर निगम में तेजी से हो रहे हैं। अतिरिक्त निगमायुक्त (एसीएमसी) आईएएस स्वप्निल पाटिल के बार बार मुख्यालय पंचकूला के चक्कर काटने से इन चर्चाओं को और भी बल मिल रहा है। माना जा रहा है कि पाटिल मैडम मोना के जाने के बाद निगमायुक्त की गद्दी पर बैठने को लालायित हैं, इसलिए पेशबंदी करने के लिए मुख्यालय में बैठे समान विचारधारा वाले आला अफसरों को ‘खुशÓ करने में लगे हुए हैं ताकि वे उन्हें इस पद के लिए सबसे योग्य अफसर बता कर गद्दी सौंप दें।
मैडम के पांच लाख का लहंगा पहनने की खबर मज़दूर मोर्चा में प्रकाशित होने पर मुख्यालय द्वारा मामले की जांच कराई गई थी। जांच में मैडम का एचसीएस अधिकारी मिस्टर लांबा के बेटे की शादी में शामिल होने और लहंगा पहनने की पुष्टि हुई थी, जांच अधिकारी ने बाकायदा अपनी रिपोर्ट में मैडम के पांच लाख रुपये कीमत वाले लहंगे की फोटो भी चस्पा की थी। रिपोर्ट के बाद से मैडम का तबादला तय माना जा रहा था। तबादला हो भी जाता लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव के कारण उसे टाल दिया गया था। जानकारों के अनुसार चुनाव से पहले तबादला किए जाने पर विपक्ष इसे भ्रष्टाचार से जोड़ कर प्रचार करता जिसका भाजपा को नुकसान होता, दूसरे तबादला रोक कर मैडम पर भाजपाइयों के हित में काम करने का दबाव बना कर उनका इस्तेमाल भी किया गया। अब क्योंकि नगर निगम में भाजपा बहुमत में है और मेयर भी उसकी है इसलिए मैडम की फाइल फिर से निकाल ली गई है।
आईएएस लॉबी में मैडम का तबादला होने की चर्चा गर्म हुई तो आईएएस स्वपनिल पाटिल को मैडम की मोटी कमाई वाली गद्दी हासिल करने की तीव्र इच्छा जाग्रत हुई। समझा जाता है कि इस मामले में पाटिल के प्रेरणास्रोत वही प्रेम शर्मा है जो चापलूसी एवं दल्लागीरी की बदौलत सफाईकर्मी से निरीक्षक के पद तक जा पहुंचा। विदित है कि यही शर्मा काफी पहले से उनके कलेक्शन एजेंट के रूप में उनके साथ काम कर रहा है। फिर क्या था, पाटिल साहब आए दिन पंचकूला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। मानो अधिकारियों से कह रहे हों कि इतने दिन नगर निगम में अतिरिक्त निगमायुक्त बन कर उन्होंने भ्रष्टाचार और लूट कमाई के सारे गुर सीख लिए हैं। मैडम मातहतों को कैसे लूट कमाई के लिए प्रेरित करती थीं और किस तरह सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर इस लूट कमाई का हिस्सा बंटवाती थी, इसकी सारी ट्रेनिंग वह भी लेकर इस मोटी मलाई खाने वाली गद्दी को संभालने के काबिल बन चुके हैं।
चर्चा है कि मोना ए श्रीनिवास के साथ ही एसीएमसी गौरव आंटिल को भी चलता किए जाने की तैयारी की जा रही है यानी स्वपनिल पाटिल की नजर में निगमायुक्त पद का दावेदार भी अब कोई और बच नहीं रहा है। ऐसे में स्वपनिल पाटिल नगर निगम को अपनी तरह से लूटने के सपने बुनने में लग गए हैं और उन्हें मूर्त रूप देने के लिए पंचकूला में लाबीइंग करने के लिए खुद ही चक्कर काट रहे हैं। इधर उनका कलेक्शन एजेंट प्रेम शर्मा भी ठेकेदारों से लेकर अधिकारियों पर रौब झाड़ता घूम रहा है, उसके मंसूबे हैं कि साहब के निगमायुक्त बनते ही वह एक बार फिर उसी तरह निगमायुक्त दफ़्तर संभालने लगेगा जैसे पहले संभालता था।
मज़दूर मोर्चा ने उसकी करतूतों का कच्चा चि_ा प्रकाशित किया था कि किस तरह चपरासी होने के बावजूद वह निगमायुक्त कार्यालय में पूरी दखल रखता था और लूट कमाई वाली विवादित फाइलें भी मोना मैडम से पास कराता था। निगमायुक्त ने उसे हटाया तो काफी दिन तक चपरासीगीरी करता रहा लेकिन फिर एसीएमसी स्वपनिल पाटिल को अपने भ्रष्टाचारी कौशल का प्रदर्शन कर उनका करीबी हो गया। चर्चा है कि स्वपनिल पाटिल अभी मुखिया की गद्दी का प्रयास ही कर रहे हैं और प्रेम शर्मा ने ठेकेदारों से लेकर अधिकारियों तक से सौदेबाजियां भी शुरू कर दी हैं।