सुशासन दिवस मनाने से नहीं आता सुशासन

सुशासन दिवस मनाने से नहीं आता सुशासन
December 31 13:12 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भाजपाइयों ने 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री और संघ कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर भाजपा विधायक, मंत्री और नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ही बढ़चढ़ कर जुमलेबाजी की। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर ने कहा कि जाति संप्रदाय का भेद किए बिना ही शासन चलाना सुशासन है।

दरअसल, मंत्री जी डबल इंजन सरकारों द्वारा बिना जाति, संप्रदाय का भेद किए देश की जनता को जीएसटी से लूटने की कला को सुशासन बता रहे थे। उनकी दस साल की डबल इंजन सरकारों के सुशासन से देश का पढ़ा लिखा नौजवान, किसान, महिला, नौकरी पेशा, मध्यमवर्गीय यानी की समाज का हर तबका तबाही की कगार पर पहुंच चुका है। मंत्री जी तुम्हारी सरकारों के सुशासन के कर्म नजर आ रहे हैं। जुमलेबाज प्रधानमंत्री मोदी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा कराने का जुमला उछाला तो हवाई जहाज का किराया 43 प्रतिशत बढ़ा दिया। रेलवे की तो बात ही छोड़ दीजिए जनरल बोगियों की संख्या अस्सी प्रतिशत तक घटा दी गई, यह तब किया गया जब देश की अस्सी करोड़ जनता गरीबी रेखा के नीचे आ गई और सरकारी राशन पर जीवन गुजारने को मजबूर है। गरीबों के जनरल डिब्बे हटा कर एसी डिब्बों की संख्या बढ़ा कर कमाई की जा रही है। किराया दो-ढाई गुणा बढ़ा दिया गया लेकिन रेलवे के आधारभूत ढांचे पर कुछ नहीं किया गया, आए दिन कोई न कोई छोटा-बड़ा रेल हादसा न होता हो। टोल टैक्स को जजिया कर बताने वाले भाजपा सुशासन में टोल टैक्स दसियों गुणा बढ़ा दिया गया और सड़कों की हालत देखने लायक है, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुआ है और जगह जगह गड्ढे होने लगे। जब टोल सड़कों का यह हाल है तो बाकी मार्गों के क्या हाल होंगे समझा जा सकता है। भारतीय दूर संचार कंपनी बीएसएनएल को बर्बाद कर जनता को लूटने के लिए निजी कंपनियों को बढ़ावा दिया गया। अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक को भी देश में बुलाकर मोदी जी संप्रभुता से समझौता कर रहे हैं।

युवा पीढ़ी को रोजगार तो मिल नहीं रहा, प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक का रिकॉर्ड भाजपा सरकारों के सुशासन में बना है। अग्निवीर योजना के जरिए देश की सेना को कमजोर करने का काम भी भाजपा सुशासन में ही हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर के सुशासन को छोड़ें, जनता को शहर में भी चारों ओर सुशासन के दर्शन होते हैं। स्मार्ट सिटी में उफनते, नाले, सीवर ओवरफ्लो, जगह जगह गंदगी के ढेर, दम घोंटू वायु गुणवत्ता, दूषित पेयजल, टूटी सड़कें नगर निगम के सुशासन को प्रदर्शित कर रही हैं। स्मार्ट सिटी और एफएमडीए के सुशासन में अधिकारियों-नेताओं की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर अरबों रुपये डकार लिए गए। बीके अस्पताल में एक अदद आईसीयू और ट्रॉमा सेंटर तक नहीं है। रेफर किए मरीजों को ठगने का सुशासन तो जग जाहिर है। और तो और जिस अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर छायंसा में मेडिकल कॉलेज खोला गया है उसका हाल किसी से छिपा नहीं है। खाद्य आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा विभाग की धांधलियां सामने हैं। तहसीलों में अवैध प्लॉटों की रजिस्ट्री से लेकर खेत, जमीन के रिकॉर्ड में धांधली की घटनाएं कम नहीं हो रहीं। यदि जनता के आधारभूत सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लूट कमाई, महंगाई, बेरोजगारी से जूझने को सुशासन कहते हैं तो इसे अटल बिहारी वाजपेयी जन्मदिन पर ही मनाया जाना सरकार को बेहतरीन निर्णय है।

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Mazdoor Morcha
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