विकास के लिए नहीं, लूट कमाई के लिए हथियाए गए हैं 24 गांव

विकास के लिए नहीं, लूट कमाई के लिए हथियाए गए हैं 24 गांव
January 05 16:43 2025

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) फरीदाबाद नगर निगम में करीब दो वर्ष पूर्व शामिल किए गए 24 गांवों में से एक भतौला में सड़क से सटा कर बिहारी मार्केट के नाम से बनाई जा रही तीन मंजिला इमारत का दूसरा तल बीते सोमवार की शाम अचानक धंस गया। निगम के भ्रष्ट व रिश्वतखोर अधिकारियों की मिलीभगत से भतौला समेत इन सभी गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। लूट कमाई में मशगूल ये अधिकारी पैसा लेने के बाद यह भी नहीं देखने जाते कि जो इमारत बन रही है उसमें सुरक्षा मानकों का पालन किया भी जा रहा है या नहीं। इमारत टूट कर बिखर जाए, कोई दब कर मर जाए इनकी बला से, इन्हें तो बस अपनी जेबें भरने से मतलब है, बिहारी मार्केट इसका एक ताजा उदाहरण है।

जानकारों के अनुसार बिहारी मार्केट ही नहीं बीते करीब एक साल में तिगांव विधानसभा क्षेत्र में अवैध निर्माण बहुत तेजी से बढ़े हैं। इन गांवों में कृषि भूमि पर धड़ल्ले से व्यावसायिक और आवासीय भवन बनाए जा रहे हैं। नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले इन अवैध भवनों का नक्शा तो दूर, न ही जमीन का सीएलयू कराया गया है और न ही सबडिवीजन मानकों का पालन किया गया है। माना जा सकता है कि यह अवैध निर्माण हो ही इसलिए पाए कि नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों ने मोटी रिश्वत लेकर इन्हें बनाने की छूट देकर आंखें बंद कर लीं। निगम सूत्रों के अनुसार इन 24 गांवों में अवैध निर्माण की रोकथाम का जिम्मा जेई नीरज और एसडीओ राजकुमार के पास था।
वैसे तो अवैध निर्माणों का निगम कों स्वत: संज्ञान लेना चाहिए वह तो दूर रहा, शिकायतें मिलने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। हकीकत में हर मिलने वाली शिकायत इनकी आमदनी का बड़ा स्रोत साबित होती रही। कार्रवाई के नाम पर नोटिस भेजा जाता, नोटिस का अर्थ अवैध निर्माण गिराना नहीं बल्कि आकर मामला सेटल करने का संदेश होता है। जितनी बड़ी इमारत उतना ही बड़ा नजराना लिया जाता है।

बड़ी रकम अकेले जेई और एसडीओ तो डकार नहीं सकते, जाहिर है कि हिस्सापत्ती ऊपर तक पहुंचाई जाती है तभी तो हाल ही में आई संयुक्त आयुक्त द्विजा गठवाल हों या निगम में भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित करने को तैयार निगमायुक्त मोना ए श्रीनिवास, कोई भी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने का हुक्म जारी नहीं करतीं। बिहारी मार्केट जिसमें नीचे दुकानें और ऊपरी मंजिल पर फ्लैट बनाए जा रहे थे के धंसने के बाद न तो संयुक्त आयुक्त ने और न ही निगमायुक्त ने निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही इलाके में अवैध निर्माण की पहचान कर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। एसडीओ विनोद ने बताया कि मार्केट अवैध रूप से बनाई जा रही थी उसे नोटिस जारी किया गया है उचित कार्रवाई की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि बाकी सैकड़ों अन्य अवैध इमारतों के खिलाफ क्या कर रहे हैं उनका जवाब था कि मुझे चार्ज संभाले आठ दस दिन ही हुए हैं इससे पहले एसडीओ राजकुमार थे उन्होंने कुछ किया हो तो अभी इसकी जानकारी नहीं है। जानकार बताते हैं कि एसडीओ राजकुमार और जेई नीरज के कार्यकाल में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गई थी, लेकिन दोनों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

नगर निगम के जानकारों ने बताया कि तिगांव विधानसभा क्षेत्र में 2019 के बाद से अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेसी विधायक ललित नागर के कार्यकाल में ही नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की थी, राजेश नागर के विधायक बनने के बाद से कभी बुलडोजर नहीं चला। दरअसल, भूमाफिया मंत्री राजेश नागर और डीलर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर दोनों ही नहरपार इलाके में जमीन की भूख मिटाने में जुटे हैं। इन दोनों नेताओं के संरक्षण में ही भू माफिया और दलाल नियम कायदों को ताक पर रख कर धड़़ल्ले से अवैध निर्माण कर रहे हैं, सत्ता का समर्थन हो तो ऐसे में अधिकारी भला क्यों पीछे रहना चाहेंगे, वह भी अपनी जेबें भरने में लगे हैं, फिर चाहे अवैध निर्माणों से सरकार को राजस्व का नुकसान हो या इन इमारतों में रहने वालों की जान खतरे में पड़े।

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Mazdoor Morcha
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