सोहना फोर लेन रेलवे ओवर ब्रिज का पाखंड फिर शुरू

सोहना फोर लेन रेलवे ओवर ब्रिज का पाखंड फिर शुरू
December 31 13:09 2024

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भाजपा सरकार में पूर्व सीएम खट्टर से लेकर मंत्री मूलचंद और छुटभैये भाजपाई जनता को मूर्ख बनाने वाली घोषणाएं कर अपना चुनावी उल्लू सीधा करते आए हैं। उनकी ही तर्ज पर प्रशासन और अधिकारी भी काम नहीं काम की घोषणा कर जनता को वरगलाने की कला बखूबी सीख चुका है। सोहना रेलवे ओवर ब्रिज के फोरलेन किए जाने का झुनझुना पूर्व सीएम खट्टर ने 2016 में बजाया था, ओवर ब्रिज तो आज तक नहीं बना लेकिन राजनेताओं के साथ अधिकारी भी गाहे बगाहे यह झुनझुना बजाते रहते हैं। एक बार फिर दावा किया जा रहा है कि ओवर ब्रिज के लिए जरूरी जमीन की रजिस्ट्री जल्द कर डेढ़ साल में प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा।
जिस तरह खट्टर ने फोर लेन ओवर ब्रिज की घोषणा की थी उसी तर्ज पर प्रशासनिक अधिकारी भी प्रोजेक्ट को परवान चढ़ाने में जुट गए थे। पुल के लिए जरूरी जमीन की व्यवस्था भी नहीं हुई थी लेकिन लोक निर्माण विभाग के उत्साहित अधिकारियों ने अक्तूबर-नवंबर 2018 को जनरल अरेंजमेंट डिजाइन भी बना कर स्वीकृति के लिए भेज दी, मानो सरकार हवा में ही ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति दे देगी। जमीन पर कुछ काम नहीं हुआ था तो पीडब्ल्यूडी की ड्राइंग भी दराजों में बंद हो गई। सरकार को ओवरब्रिज बनाना ही नहीं था लेकिन हर चुनाव से पहले इसके सुनहरे ख्वाब दिखा कर वोट हासिल करना था तो इसका जिन्न भी हर लोकसभा-विधानसभा चुनाव के समय ही बाहर निकाला जाता। हर चुनाव से पहले कृष्णपाल गूजर, मूलचंद शर्मा आदि दावा करते कि सरकार ने पैसा जारी कर दिया है, कुछ दिन में निर्माण शुरू हो जाएगा, ओवर ब्रिज के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहीत कर ली गई है, बस पिलर खड़े करने की देर है, चुनाव खत्म होते ही काम शुरू हो जाएगा, आदि आदि लेकिन हुआ आज तक कुछ नहीं, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए एक ईंट तक नहीं रखी गई। रखी भी कैसे जाएगी जब सरकार ने बजट ही नहीं दिया हो।

खट्टर की घोषणा के छह साल बाद मई 2022 में आरओबी के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए समिति का गठन किया। 53 भू स्वामियों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। भू स्वामी बाजार दर पर 44 हजार रुपये प्रतिगज मुआवजे की मांग कर रहे थे जबकि लाल फीताशाही में माहिर अधिकारी 38 हजार रुपये प्रति वर्ग गज पर अटके थे, तो जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका और यह साल भी गुजर गया। सुधी पाठकों को बताते चलें कि मार्च 2024 तक सरकार ने न तो जमीन अधिग्रहण के लिए धन जारी किया था और न ही पुल निर्माण के लिए। इसके बाद लोकसभा चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई थीं जिनमें राजनेताओं ने बड़े बड़े दावे तो किए लेकिन खजाना नहीं खोला गया। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग के बीएंडआर के उपमहाप्रबंधक राहुल सिंह ने दावा कर दिया था कि मालिकों को मुआवजा देकर जल्द जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में भी कोई सूरत बदली नहीं है क्योंकि अभी भी सरकार ने पुल निर्माण के लिए धनराशि जारी नहीं की है। अब राहुल सिंह ने फिर दावा किया है कि सोहना आरओबी के लिए एक एकड़ जमीन खरीद पर भू स्वामियों से सहमति बन गई है। भू स्वामियों ने जमीन के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, अगले दस दिनों में रजिस्ट्री करा ली जाएगी। ऐसे दावे राहुल सिंह, विधायक मूलचंद, मंत्री कृष्णपाल गूजर न जाने कब से करते चले आ रहे हैं लेकिन कुछ हुआ नहीं। राहुल सिंह भी कई बार आरओबी की निविदाएं जारी करने की घोषणा कर चुके हैं, एक बार फिर दावा कर रहे हैं कि अगले बीस दिनों में तकनीकी और मुख्य निविदा जारी कर दी जाएगी और जनवरी 2025 के अंत तक निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि सोहना आरओबी फोर लेन किया जाना अभी दूर की कौड़ी है, क्योंकि अभी जमीन को कब्जामुक्त कराने और अधिग्रहण करने में ही काफी समय लगने वाला है।

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles