करनाल। हरियाणा के सीएम सिटी करनाल के गांव चोरकारसा की छात्राएं और ग्रामीण मंगलवार को सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर डीसी कार्यालय पहुंची। बेटे-बेटियां व उनके अभिभावक स्कूल मे शिक्षकों की कमी को दूर करने और स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चे पढऩा चाहते है, लेकिन स्कूल में असुविधाओं के चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों को चिंता सता रही है कि उनके बच्चों का बिना पढ़ाई के क्या भविष्य होगा खासकर बेटियों का।
150 बच्चों के लिए 3 टीचर मंगलवार दोपहर बाद गांव चोरकारसा के बच्चे व उनके अभिभावकों ने जिला सचिवालय में पहुंचकर डीसी से मुलाकात की। बेटियों ने डीसी से गुहार लगाई कि गांव के स्कूल को अपग्रेड किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके स्कूल में 150 के करीब बच्चे है, लेकिन शिक्षक तीन ही है। ऐसे में शिक्षकों की भारी कमी के कारण उन्हें परेशानियों झेलनी पड़ रही है। अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो तो उनकी शिक्षा प्रभावित होगी। यह बात छात्रा सपना, रूमा, महक ने कही।
स्कूल में टीचरों की कमी बेटियों ने कहा कि वह पढ़ाना चाहती है, लेकिन उनके अभिभावक उन्हें गांव से बाहर पढऩे के लिए भेजना नहीं चाहते। बाहर भेजने में काफी दिक्कतें है, आने जाने के लिए कोई साधन तक नहीं। इन हालात में कैसे बेटियां स्कूलों में जाकर पढ़ पाएगी। स्कूल को अपग्रेड किया जाए, साथ ही स्कूल में स्टाफ की भारी कमी हैं। जब स्कूलों में टीचर ही नहीं है, तो बच्चों का क्या भविष्य है। हमारी मांग है कि स्कूल को अपग्रेड किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके माता पिता खासकर बेटियों को गांव से बाहर नहीं भेजना चाहते। क्योंकि बाहर जाने में काफी दिक्कतें है।
10वीं के बाद पढऩे के लिए जाना पड़ता है बाहर डीसी से मिलने पहुंची दसवीं की छात्रा सपना ने कहा कि गांव में सरकारी स्कूल केवल 10वीं कक्षा तक है, हम दसवीं के बाद भी पढ़ाना चाहती है। लेकिन चाह कर भी नहीं पढ़ पाती। क्योंकि गांव से बाहर जाने के लिए सार्वजनिक बस सुविधा उपलब्ध नहीं है और नहीं ही गरीब अभिभावकों के पास आर्थिक संसाधन। इन सब दिक्कतों की वजह से बेटियों को सिर्फ दसवीं तक ही पढ़ा पाते है। उन्होंने कहा कि बेटे तो आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव या शहरों में जा सकते है। लेकिन ल?कियां नहीं उनकी मांग है कि गांव के स्कूल को 12वीं तक किया जाए साथ ही स्कूल में अध्यापकों की संख्या पूरी की जाए ताकि पढ़ाई बाधित न हो सकें।
12वीं तक अपग्रेड हो स्कूल छात्रा महक ने कहा कि गांव में 12वीं तक स्कूल बनाया जाए, साथ ही स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। माता पिता उन्हें दसवीं के बाद नहीं पढ़ाना चाहते, क्योंकि गांव में 12 वीं तक की पढ़ाई की सुविधा नहीं है, बाहर वे भेजना नहीं चाहते। उनकी मांग है कि गांव के सरकारी स्कूल को अपग्रेड किया जाए साथ ही स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए।