दिनांक 10 फरवरी 2024 को दिल्ली मुख्यालय में हुई ईएसआई कॉर्पोरेशन की 193 वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सेवानिवृत्त हो चुके बीमाकृत मज़दूरों को भी तमाम तरह की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें हर तरह की सुपर स्पेशलिटी सेवाएं भी शामिल रहेंगी। इससे पूर्व ऐसे लोगों के लिए केवल वही चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हुआ करती थीं जो कॉर्पोरेशन के खोखले अस्पतालों में उपलब्ध हैं। यानी कि कॉर्पोरेशन के अस्पताल में तो कुछ होना नहीं और बाहर भी अस्पतालों में रेफर करना नहीं। जाहिर है ऐसे में वे गरीब मज़दूर अल्लाह को प्यारे हो जाते रहे हैं जिनसे कॉर्पोरेशन जिंदगी भर वसूली करती रही और जब उन्हें चिकित्सा की आवश्यकता पड़ी तो ठेंगा दिखा दिया क्योंकि कॉर्पोरेशन के अस्पतालों में होता ही कुछ नहीं था। विदित है कि $फरीदाबाद व हैदराबाद जैसे इक्का-दुक्का मेडिकल कॉलेज अस्पताल चलने ही अब शुरू हुए हैं। बेशक कॉर्पोरेशन का यह फैसला दिनांंक 10 फरवरी 2024 का है लेकिन अभी तक न तो कॉर्पोरेशन ने और न ही कॉर्पोरेशन में बैठे मज़दूर नेताओं ने इसकी कोई विधिवत घोषणा करने की जरूरत समझी। जाहिर है कि कॉर्पोरेशन व मज़दूर नेताओं की इस हरामखोरी के चलते न जाने कितने ही सेवानिवृत्त मज़दूर, चिकित्सा सेवा प्राप्त करने के अपने हक से वंचित रह गए होंगे। श्रम मंत्री एवं डीजी को चाहिए कि इस बाबत विधिवत सर्कुलर जारी करके सम्बन्धित मज़दूरों को चिकित्सा लाभ दिलवाएं।