करनाल (मज़दूर मोर्चा) सेल टैक्स ऑफिस में तैनात चपरासी प्रवीण ने बीती पांच जुलाई की शाम एक 13 वर्षीय किशोर को बहाने से दफ्तर के गैराज में ले जाकर उससे कुकर्म किया, किशोर बेहोश हो गया। होश में आने पर प्रवीण ने उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। लहूलुहान और दर्द से कराहते हुए घर पहुंचे किशोर ने परिजनों को प्रवीण की करतूत के बारे में बताया।
किशोर के पिता को सूचना मिली तो वह घर पहुंच कर पीडि़त को लेकर थाने जाने लगा। माता-पिता का आरोप है कि उसी समय कर निरीक्षक (डीटीआई) सतपाल उनके घर आया और प्रवीण की ओर से माफी मांगते हुए सत्तर हजार रुपये देने लगा कि इससे बच्चे का इलाज करा लो लेकिन पुलिस में शिकायत न करो,धमकी दी कि शुक्र करो की प्रवीण ने तुम्हारे बेटे को जान से नहीं मारा, अगर पुलिस में शिकायत करोगे तो तुम्हारी बदनामी होगी, तुम्हारी दो बेटियां हैं उनकी शादी होना मुश्किल होगी। पीडि़त परिवार सतपाल की धमकियों से डर गया लेकिन उन्होंने पैसे नहीं लिए। पिता के अनुसार सतपाल की धमकी के कारण पीडि़त किशोर अवसाद में आ गया और गुमसुम रहने लगा। इधर सतपाल और प्रवीण किसी न किसी रूप में परिवार की निगरानी करवाते रहते ताकि वे पुलिस में शिकायत न कर सकें।
दबाव में परिवार करीब एक महीने घर से नहीं निकल सका। जानकारों के अनुसार डीटीआई के दबाव के कारण किशोर का समय पर मेडिकल चेकअप नहीं हो सका, जैसे जैसे समय बीतता जाएगा जख्म भरने के कारण आरोपी के बचने के चांस भी बढ़ जाएंगे। इस बीच कुछ शुभचिंतकों ने पीडि़त परिवार को सांत्वना दी और दोषी को सजा दिलाने के लिए प्रेरित किया।
इस पर सात अगस्त को पीडि़त ने सिविल लाइन थाने में दरख्वास्त दी। एसएचओ सिविल लाइन ने बताया कि पीडि़त की शिकायत पर चपरासी प्रवीण के खिलाफ किशोर को जबरन बंधक बनाकर कुकर्म करने, पीटने, जान से मारने की धमकी देने और डीटीआई सतपाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 3 (5) यानी अपराधी का सहयोग करने के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है, किशोर की मेडिकल चेकअप रिपोर्ट के आधार पर जांच की दिशा तय की जाएगी। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।