फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) करीब आठ वर्ष पूर्व नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करके जो पंपिंग स्टेशन लगाया गया था वह बेकार बता दिया गया है। इसलिए अब एफएमडीए नए सिरे से नया पंपिंग स्टेशन लगाएगा जिसे नाम दिया गया है ‘अत्याधुनिक’। इसकी अनुमानित लागत सात करोड़ बताई गई है, वास्तविक लागत तो इसके लगने के बाद ही पता चल पाएगी। काम पूरा होने का निर्धारित समय छ: माह रखा गया है, यद्यपि आज तक कोई भी काम समय पर पूरा होता नहीं देखा गया हैे। पुरानी मशीनरी, डीजल जनरेटर सेट व इसकी बिल्डिंग कहां गई कोई अता-पता नहीं, किसने बेच खाई, जांच करने की कोई जरूरत नहीं समझी गई। सब कुछ नए सिरे से बनाया जाएगा। मोटी लूट कमाई के लिए यह सब जरूरी भी है।
एफएमडीए अधिकारियों का दावा है कि इसके चालू हो जाने के बाद उफनते सीवर तथा बरसाती पानी गलियों में खड़ा नहीं रह पाएगा। उसे तुरन्त पंप द्वारा खींच कर बड़े नाले में डाल दिया जाएगा। डीजी सेट होने के चलते बिजली फेल होने का बहाना भी नहीं चल पाएगा। यानी कुल मिला कर छ: माह बाद इस पुराने औद्योगिक एवं रिहायशी क्षेत्र में न तो सीवर जाम और न ही बरसाती जल भराव की कोई समस्या रहेगी। शहरवासियों के लिए इस तरह का दावा कोई नई बात नहीं है। आए दिन शहर के किसी न किसी भाग में इस तरह के फर्जी विकास कार्यों के शिलान्यास एवं उद्घाटन किए जाते रहे हैं। लेकिन धरातल पर उनका कोई लाभ होता नजर नहीं आ रहा। प्रति वर्ष मई-जून में नालों की सफाई के लिए करोड़ों के टेंडर जारी किए जाते है।
जल निकासी के ठेके दिए जाते है परन्तु जल भराव की समस्या ज्यों की त्यों रहती आई है। सदैव नए-नए प्रोजेक्ट तो लगाए जाते हैं परन्तु पुराने-पुराने प्रोजेक्टों का क्या हुआ, किसने बेच खाए, उनका जवाब कोई नहीं देता। करीब तीन साल पहले तत्कालीन सीएम खट्टर ने 22 सेक्टर के निकट एक पेयजल बूस्टर का उद्घाटन करते हुए उस क्षेत्र की जल समस्या हल होने का दावा किया था। लेकिन जनता की समस्या आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई है। हां, निर्माण कार्य करने व कराने वाले अधिकारियों, ठेकेदारों के साथ-साथ राजनेताओं की आर्थिक समस्याएं अवश्य ही दूर हो गई।