पूर्व सीजेआई भगवान से पूछकर फैसला लिखते थे तो आने वाले वेद की ऋचाओं से फैसले लिखेंगे

पूर्व सीजेआई भगवान से पूछकर फैसला लिखते थे तो आने वाले वेद की ऋचाओं से फैसले लिखेंगे
July 29 11:59 2025

मज़दूर मोर्चा ब्यूरो
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई)रह चुके डीवाई चन्द्रचूड़ ने खुद ही बताया था कि राम मंदिर का फैसला लिखने से पहले उन्होंने रात को खुद भगवान से सलाह मशवरा किया था। उसी के बाद उन्होंने यह ‘न्यायपूर्ण’ फैसला लिखा था। ऐसी ही राह पर चलते हुए अगला सीजेआई बनने की बाट जोह रहे सूर्यकान्त ने कहा है कि वे वेद की ऋचाओं के अनुसार फैसले लिखने में विश्वास करते हैं। यह बात उन्होंने बीते सप्ताह स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक भाषण के दौरान कही। उक्त दोनों जजों की बातों से स्पष्ट हो जाता है कि वे जिस संविधान की शपथ लेकर कुर्सियों पर काबिज होते हैं, उसके प्रति उनके मन में कोई श्रद्धा नहीं है। उनकी श्रद्धा है तो केवल भगवान और वेद की ऋचाओं के प्रति। विदित है कि भगवान की मर्जी और वेद की ऋचाओं से जैसा न्याय इस देश के दलितो एवं वंचितों को मिलता रहा था, वह किसी से छिपा नहीं है। इस दबे-कुचले वर्ग को यदि बीते 70 साल में कुछ मिल पाया है तो वह भारत के संविधान से ही सम्भव हो पाया है।

एक सीजेआई तो भगवान के नाम पर इस देश की ऐसी-तैसी करके निकल चुके हैं और दूसरे वेद की ऋचाओं से इस देश की ऐसी-तैसी करने के लिए मुंह धोकर तैयार बैठे हैं। लगता है कि सूर्यकांत जी को वेद की वो ऋचा मिली नहीं जिसके अनुसार वे प्रोफेसर अली महमूदाबाद का फैसला कोई बेहतर ढंग से कर सकते। हां, अपनी झेंप उतारने के लिए उन्होंने हरियाणा के उन वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को जरूर हड़काया जो बताए गए विषय से भटक कर अन्यत्र किसी और ही दिशा में चल पड़े। इन पुलिस अधिकारियों को काम दिया गया था कि प्रोफेसर की फेसबुक पोस्ट में लिखे का अर्थ जांचें उन्होंने प्रोफेसर की पूरी जिंदगी का नक्शा ही खंगालना शुरू कर दिया। उनके पूरे इलेक्ट्रानिक गजेट्स लेकर, उनकी तमाम देशी-विदेशी यात्राओं सहित तमाम क्रियाकलापों को खंगालना शुरू कर दिया। इसके लिए इन अफसरों ने प्रोफेसर को चार बार बुला कर घंटों बैठाए रखा। जज ने पुलिस वालों को यह भी कहा कि और कुछ नहीं तो डिक्शनरी ही देख लेते, क्या जज महोदय को डिक्शनरी देखनी नहीं आती। शरमा-शरमी में जज सूर्यकांत ने तो यह भी कहा कि उन्होंने तो उसे केवल केस के बारे में चुप रहने को कहा था, शेष अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं लगाई थी।

  Article "tagged" as:
cji
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles