अपने प्रचार में अवैध ढंग से जनता का पैसा उड़ा रहे सीएम सैनी चंडीगढ़। काम नहीं काम का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार के सीएम नायब सैनी ने उनकी ढपली बजाने के लिए बीते सात महीने से अवैध रूप से गजेंद्र फौगाट को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) (स्पेशल पब्लिसिटी) लगा रखा है। इसके लिए सरकार फौगाट पर प्रतिमाह जनता की गाढ़ी कमाई को वेतन भत्ते, आदि के रूप में ढाई से तीन लाख रुपये उड़ा रही है। इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है।
पानीपत के आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी ) गजेंद्र फोगाट पिछले सात महीने से अवैध रूप से पद पर काम कर रहे हैं। उनका कई बार विस्तारित कार्यकाल बीते 4 अक्तूबर 2024 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद से उनका सेवा विस्तार नहीं हुआ, यानी वो पद पर नहीं बने रह सकते। बावजूद इसके वो आज तक सीएम के ओएसडी के रूप में न केवल कार्य कर रहे हैं बल्कि वेतन, भत्ते, कार, स्टाफ आदि उन सारी सेवाओं का आनंद ले रहे हैं जो किसी क्लास वन अधिकारी को पद पर रहते हुए मिलती हैं। उन्होंने सीएम के इस अवैध ओएसडी को तत्काल हटाए जाने मांग की है।
कपूर ने इस संबंध में सरकार के लोक सम्पर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा के उप सचिव एवं राज्य जन सूचना अधिकारी से आरटीआई में जानकारी मांगी थी। जो जवाब मिला उसके अनुसार 01 अक्टूबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गजेंद्र फोगाट को अपना ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) नियुक्त किया था। नियुक्ति पत्र की शर्तों के अनुसार यह तैनाती एक वर्ष के लिए थी और सरकार इस अवधि को घटा या विस्तारित कर सकती थी। सालाना कार्यकाल पूरा होने पर सरकार अक्तूबर 2023 तक हर वर्ष उनका सेवा विस्तार करती रही। 04 अक्टूबर 2023 को आखिरी बार एक वर्ष के लिए उनका सेवा विस्तार किया गया जो कि 03 अक्टूबर 2024 को खत्म हो गया। कार्यकाल पूरा होने पर नियमानुसार न तो वह इस पद पर बने रह सकते थे और न ही वह कोई वेतन, भत्ता या अन्य सुविधाएं पाने के अधिकारी थे।
न तो प्रदेश सरकार में बैठे निकम्मे अधिकारियों ने और न ही राजेंद्र फौगाट के लोक संपर्क एवं भाषा विभाग के अधिकारियों ने इस पर ध्यान दिया। नतीजा यह हुआ कि फौगाट कार्यकाल समाप्त हो जाने के बावजूद पिछले सात महीनों से इस पद और उसको मिलने वाली सारी सुविधाओं का आनंद उठा रहे हैं। हर माह एक लाख रुपये वेतन, 40 हजार रुपये कोठी का किराया, 18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से पांच हज़ार किलोमीटर यात्रा के लिए 90 हजार रुपये वाहन भत्ते के अलावा क्लास वन अफसर को मिलने वाला टीए/डीए व करीब ढाई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन वाले स्टाफ का आनंद उठा रहे हैं। पीपी कपूर ने सरकार से मांग की है कि अनधिकृत रूप से पद का आनंद ले रहे राजेंद्र फौगाट को तुरंत हटा कर बीते सात महीने में उस पर जनता का जो धन खर्च किया गया है, उसकी रिकवरी कर सरकारी खजाने में जमा कराई जाए।
संदर्भ वश सुधी पाठकों को बताते चलें कि राज्य में लोक संपर्क एवं भाषा विभाग है जिसमें लाखों रुपये महीना तनख्वाह लेने वाले स्टाफ का काम ही सरकार, उसके मंत्री, विधायकों के कार्यों और सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है। इस सबके बावजूद सरकार के मंत्री चाहे कैबिनेट हों या राज्यमंत्री सबको मीडिया सलाहकार दिए जा रहे हैं। जनता की खून पसीने की कमाई से चालीस से पचास हजार रुपये पाने वाले इन मीडिया सलाहकारों का काम जनता की आवाज़ मंत्रियों तक पहुंचाना कतई नहीं है बल्कि मंत्री की जय जयकार करना है, ये काम तनख्वाह पाने वाले सूचना विभाग के अधिकारी कर सकते हैं और आज तक करते ही आए हैं।